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दो और में स्वाइन फ्लू की पुष्टि, छह नए संदिग्ध मिले

Fri, 20 Feb 2015 02:32 AM IST
बरेली
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इनमें दो मेडिकल कालेज व चार जिला अस्पताल के हैं।
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साहूकारा की रहने वाली एक महिला पिछले दिनाें दिल्ली स्थित अपने परिवार की शादी में गई थीं। यहां से लौट कर आईं तो बीमार हो गईं। दो दिन पहले इन्होंने जिला अस्पताल में सैंपल दिए थे, जिसे लखनऊ भेजा गया था। गुरुवार को रिपोर्ट में स्वाइन फ्लू वायरस की पुष्टि हो गई है। जिला अस्पताल में स्वाइन प्लू से पीड़ित एक 12 वर्षीय बच्चा भी भर्ती किया गया है। डॉक्टराें की देखरेख में इसका उपचार चल रहा है। यह पुराना शहर का रहने वाला है। गुरुवार को  जिला अस्पताल में ओपीडी के दौरान चार नए संदिग्ध मिले। इनके सैंपल ले लिए गए हैं। इनमें एक बच्चा और एक महिला शामिल हैं। वहीं मेडिकल कालेज से जानकारी मिली है कि यहां भी दो लोगाें के सैंपल लिए गए हैं।
शहर में स्वाइन फ्लू के अब तक 22 संदिग्ध मरीज मिल चुके हैं। इनमें से नौ में रोग की पुष्टि हुई है जबकि एक की मौत हो चुकी है।

लोग खुद करा रहे हैं स्वाइन फ्लू की जांच
शहर की प्राइवेट पैथोलॉजी लैब में लोग खुद स्वाइन फ्लू की जांच करा रहे हैं। बिना चिकित्सक के लिखे ही लैब नमूने ले रही है। गुरुवार को सिविल लाइंस स्थित एसआरएल लैब में एक व्यक्ति द्वारा पूछताछ करने पर यहां के कर्मचारियाें ने बताया कि सैंपल दे सकते हैं। इसके नमूने लेकर गुड़गांव भेजे जा रहे हैं। दो तरह की जांचें हो रही हैं। इसका खर्च पांच हजार रुपये से लेकर साढ़े छह हजार रुपये है। पांच हजार रुपये की जांच में केवल स्वाइन फ्लू वायरस की पुष्टि होती है, जबकि साढ़े हजार रुपये की जांच में तमाम अन्य कारक भी सामने आते हैं। रिसेप्शन पर बैठे कर्मचारी ने बताया कि अभी तक शहर से करीब आठ से दस लोगाें ने अपने सैंपल की जांच करवाई है जबकि इसमें से एक की भी पुष्टि एच1 एन1 वायरस की नहीं हुई।
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नगर निगम कर्मियों को मिलेंगे मास्क
बरेली। स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए नगर निगम के सफाई कर्मचारियों को मास्क दिए जाएंगे। 25 सफाई कर्मचारियों को तीन दिन के अंदर मास्क देने के निर्देश दिए गए हैं। मेयर डा. आईएस तोमर ने नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. एसपीएस सिंधू से नगर निगम सफाई कर्मचारियों को स्वाइन फ्लू के मद्देनजर मास्क तुरंत उपलब्ध कराने को कहा। नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि दो-तीन दिन के अंदर मास्क मंगवाकर वितरित कर दिए जाएंगे।


हालत गंभीर होगी तभी लिए जाएंगे सैंपल
स्वाइन फ्लू पर सरकार की गाइड लाइंस पर काम करेगा स्वास्थ्य विभाग
 स्वास्थ्य विभाग ने स्वास्थ्य मंत्रालय की गाइड लाइन का हवाला देते हुए साफ किया है कि जब तक सैंपल उन्हीं रोगियों के लिए जाएंगे जिनमें स्वाइन फ्लू के गंभीर लक्षण होंगे।
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साधारण फ्लू से ग्रसित रोगियाें में एच1 एन1 वायरस होना जरूरी नहीं है। लिहाजा ऐसे सभी मरीजों की जांच भी नहीं कराई जा सकती है। सीएमएस डॉ. डीपी शर्मा का कहना है कि स्वाइन फ्लू के केसेज को तीन कैटेगरी में बांटा गया है। ए और बी कैटेगरी में टेस्ट और टेमि फ्लू दवा की जरूरत नहीं होती है जबकि सी श्रेणी में दवा और जांच की जरूरत होती है।
स्वाइन फ्लू
कैटेगरी ए
लक्षण: हल्का बुखार, खांसी, गले में हल्का खराश, सिरदर्द, उल्टी और दस्त
इलाज: टेमिफ्लू और जांच की जरूरत नहीं। केवल घर पर आराम और दवा
केटेगरी बी-1
लक्षण: तेज बुखार, खांसी, गले में अधिक खराश, सिरदर्द, उल्टी, दस्त
इलाज: घर पर आराम और उपचार, लेकिन जांच नहीं
बी- 2:
लक्षण: इसमें 65 वर्ष से अधिक उम्र के लोग, हृदयरोगी, लीवर, किडनी, ब्लड कैंसर व एचआईवी से पीड़ित रोगी शामिल हैं। इनको कैटेगरी ए के सभी लक्षण हैं।
इलाज: घर पर उपचार और आराम, टेमिफ्लू भी दे सकते हैं। जांच की जरूरत नहीं
कैटेगरी सी
लक्षण: सांस में तकलीफ, सीने में दर्द, झुंझलाहट, ब्लडप्रेशर कम, खून के साथ बलगम, नाक बहना
इलाज: जांच की जरूरत, अस्पताल में भर्ती होकर इलाज शुरू किया जाएगा।
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