जिला अस्पताल में इलाज के दौरान विशारतगंज क्षेत्र की एक बच्ची की मौत हो गई। शुरू में बच्ची की स्वाइन फ्लू से मौत की अफवाह उड़ी। हालांकि डॉक्टर ने इसे नकार दिया। उन्होंने इसे दिमागी बुखार जैसी स्थिति माना। घरवाले बच्ची का शव ले गए।
विशारतगंज के शिवनगर चंपतपुर गांव निवासी महेंद्र की बारह साल की बेटी कंचन को रविवार सुबह जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड में भर्ती कराया गया। उसे बुखार के साथ उल्टियां हो रही थीं। दवा से उल्टियां रुकीं तो दस्त शुरू हो गए। शाम के वक्त उसकी मौत हो गई। तब घरवाले शव को साथ ले गए। बच्ची के चाचा मोहरपाल ने बताया कि 19 फरवरी को कंचन की तबियत बिगड़ी थी। उसे टाइफाइड बताया गया। जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। फिर 26 फरवरी को सही होने पर उसकी छुट्टी कर दी गई। तब से बच्ची बरेली में ही अपनी ननिहाल में रह रही थी। रविवार सुबह अचानक उसकी हालत फिर बिगड़ गई। मोहरपाल ने आशंका जताई कि कंचन स्वाइन फ्लू से मरी है। दोनों बार कंचन का इलाज करने वाले डॉ. एसके सागर ने बताया कि स्वाइन फ्लू जैसा कोई लक्षण नहीं था। बच्ची लाई गई तो होशोहवास में नहीं थी। उन्हें लगता है कि सोमवार को जांच होती तो उसे दिमागी बुखार निकल सकता था, इससे पहले वो दम तोड़ गई। वहीं जिला संक्रामक रोग सेल के प्रभारी डॉ. मीसम अब्बास ने बताया कि कंचन नाम की किसी बच्ची का स्वाइन फ्लू टेस्ट भी नहीं किया गया तो पुष्टि का सवाल नहीं उठता।