जिले में शनिवार को दो अन्य मरीजाें में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हो गई है। दोनों मरीज निजी चिकित्सालयाें में भर्ती हैं। हालांकि एक की रिपोर्ट निजी पैथोलॉजी की ओर से आई है, इसलिए स्वास्थ्य विभाग ने इस पर यकीन न करते हुए खुद नमूने लखनऊ भेजे हैं। वहीं दूसरे मरीज की रिपोर्ट अभी सीएमओ को नहीं मिली है जबकि इसमें भी स्वाइन फ्लू पुष्टि हो चुकी है।
प्रेमनगर स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती मरीज को निजी पैथोलॉजी ने स्वाइन फ्लू बताया था। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने इसे मानने से इंकार कर दिया है। शनिवार को सर्विलांस टीम ने दोबारा सैंपल लखनऊ पीजीआई जांच को भेजा है। वहीं, भोजीपुरा का एक स्वाइन फ्लू संदिग्ध मरीज मेडिकल कालेज में भर्ती किया गया था। इसके भी सैंपल लखनऊ भेजे गए थे, जो पॉजीटिव आए हैं। मेडिकल कालेज से मिली जानकारी के अनुसार यह रिपोर्ट अभी मौखिक तौर पर आई है। स्वास्थ्य विभाग को अभी यह रिपोर्ट नहीं मिली है। बरेली में अब तक 57 नमूने लिए गए हैं। 15 मरीजाें में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है जबकि चार की मौत हो चुकी है। जिला अस्पताल के क्राइसिस वार्ड में इस समय एक भी मरीज भर्ती नहीं है। जबकि निजी अस्पतालाें में तीन मरीजों का इलाज चल रहा है।
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स्वाइन फ्लू में कारगर है होम्योपैथी
बरेली। स्वाइन फ्लू में अन्य चिकित्सा पद्धतियाें के साथ होम्योपैथी में भी इलाज संभव है। यह कहना है डॉ. संजय कृषनन का। उन्होंने बताया कि यह अन्य वायरस की तरह ही होता है। दरवाजे का संक्रमित हैंडिल और फू ड काउंटर पर हाथ रखने से भी संक्रमण हो सकता है। बुखार, खांसी, थकान, गला खराब, सिरदर्द, मांसपेशी में एेंठन, छींक आदि इसके लक्षण हैं। इसमें इंफ्लेएनजिनम, आर्सेनिक एल्बम, यूपेटोरियम पी, जेल्सीमियम, एकोनाइट व अन्य दवाएं लक्षण के अनुसार ली जा सकती हैं। लेकिन चिकित्सक से परामर्श के बाद। साथ ही सफाई पर ध्यान दें और पौष्टिक भोजन करें।