लीलौर झील के जंगल में सौ दो सौ गायाें ने आशियाना बना रखा था। वह झुंड के रूप में झील में रहकर आसपास के गांव लीलौर, सुनरासी, रम्पुरा खुर्द, बरसेर, हीगांनगला सोना, धनौरा दस्तमपुर में किसानों की फसलों को नुकसान तो करतीं थीं लेकिन उन्हें कोई चोट नहीं पहुंचाता था।
इन दिनों लीलौर झील में सौंदर्यीकरण का काम चल रहा है। एक दर्जन से अधिक जेसीबी मशीनें झील की खुदाई का काम रात और दिन कर रही हैं। मशीनों की आवाज से डरी गायों का झुंड अपने रास्ते से भटक कर कई दिन पहले शाहबाद के अनवा भौरकी के जंगलों में पहुंच गया। अनवा के ग्राम प्रधान विद्याराम ने बताया कि शुक्रवार रात को योजना बनाकर पशु तस्करों ने उनके गांव के जंगल में गौवंशीय पशुओं को काटा। वह उनका मांस बोरों में भर कर ले गए। जानवराें के सिर, पैर खाल और बिना उपयोग वाले अंग मौके पर ही छोड़ गए। गर्भवती पशुओं को भी तस्करों ने नहीं बख्शा। सूचना मिलने पर दोपहर बाद रामपुर डीएम चंद्र प्रकाश त्रिपाठी, एसपी साधना गोस्वामी, एसपी ग्रामीण एपी वर्मा, एसडीएम शाहबाद आनंद कुमार शुक्ला, सीओ तेजवीर सिंह, कार्यवाहक कोतवाल महेश प्रसाद ने मौके पर पहुंच कर जंगली जानवरों के अवशेष कब्जे में लेकर पशु चिकित्सा विभाग से उनके नमूने लेने को कहा। मामले में अनवा प्रधान विद्याराम, भौरकी के प्रधान विनेश पाल ने अज्ञात लोगों के खिलाफ तहरीर देकर मुकदमा लिखा दिया है।
शाहबाद में सात जानवर काटे जाने की सूचना मिली थी, घटना से गुस्सा होकर सिरौली इलाके के लोग भी वहां पहुंच गए थे। इसलिए फोर्स वहां भेज दी गई थी। अब कोई दिक्कत नहीं है। सिरौली इलाके के संदिग्ध लोगों को दिखवा रहे हैं- आरकेएस राठौर, डीआईजी
लीलौर झील के जंगल में रहने वाले जानवरों के कत्ल की बात कहकर सिरौली के लोग भी शाहबाद पहुंच गए थे। सिरौली इलाके में इसीलिए एहतियातन फोर्स भेज दी गई थी। हालांकि यहां कोई खास बात नहीं है। फिर भी हम पूरे मामले की जांच सीओ से कराएंगे- बृजेश श्रीवास्तव, एसपी देहात