स्वीमिंग पूल की जांच करते अधिकारी। संवाद
सेंथल। आठ वर्ष पहले नगर पंचायत की ओर से करोड़ों से निर्मित स्विमिंग पूल एक बार फिर जांच के दायरे में आ गया। शनिवार को राजस्व विभाग और सिंचाई विभाग की टीम पहुंची।
नहर का सीमांकन कर उसपर कब्जा कर बनाए गए स्विमिंग पूल पर लाल निशान लगाए। आरोप है कि स्विमिंग पूल नहर की जमीन पर अवैध कब्जा कर बनाया गया है। इसकी शिकायत सिंचाई विभाग में की गई है।
कस्बे में वर्ष 2016 में मुख्य मार्ग पर नगर पंचायत की ओर से तालाब का सुंदरीकरण कर वाटर पार्क बनाया गया था। उस समय भी कस्बे के लोगों ने सिंचाई विभाग से शिकायत की थी कि स्विमिंग पूल नहर की जमीन पर बनाया गया है।
मामले में तत्कालीन सिंचाई मंत्री धर्मपाल ने जांच के आदेश दिए थे। इसके बाद स्विमिंग पूल की पैमाइश की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। अब एक बार फिर नहर की जमीन पर अवैध कब्जे का मामला कस्बे के अली अब्बास द्वारा उठाया गया है।
जांच में नहर में अवैध अतिक्रमण मिले हैं, जिस पर टीम ने निशान लगाए हैं।
तहसीलदार को भेजी रिपोर्ट : लेखपाल वसीम अंसारी ने बताया कि तहसीलदार के आदेश पर नहर का सीमांकन कर पैमाइश की गई है। इसमें आगे चार मीटर और पीछे डेढ़ मीटर जगह सिंचाई विभाग की पाई गई है। जिसपर लाल निशान लगाकर रिपोर्ट तहसीलदार को भेजी जा रही है।