बरेली। डोर-टू-डोर कूड़ा एकत्र कर रहे सफाई कर्मचारी वेतन नहीं मिलने की वजह से बृहस्पतिवार को हड़ताल पर चले गए। इस कारण शहर के 37 वार्डों के 55 हजार घरों से कूड़ा नहीं उठा। लोग इंतजार करते रह गए। नगर निगम में एकत्र होकर कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। नवंबर का वेतन मिलने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही।
हड़ताली कर्मचारियों ने दिनभर नगर निगम में डेरा डाले रखा। बताया कि 27 सितंबर को आनंद साहू की फर्म ने डोर-टू-डोर कूड़ा एकत्र करने का काम छोड़ दिया था। नगर निगम ने यूजर चार्ज जमा नहीं करने के आरोप में आनंद साहू की फर्म को काली सूची में डाल दिया है। वे लोग साहू की फर्म में काम करते थे। साहू ने काम छोड़ा तो अपर नगर आयुक्त ने बुलाकर कहा कि 10,500 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे। इसी भरोसे पर वे काम करने लगे, लेकिन बाद में उन्हें ठेकेदार के माध्यम से ही काम पर लिया गया। अक्तूबर में 24 दिन काम किया पर वेतन सिर्फ 12 दिन का मिला। नवंबर में 26 दिन काम किया, वेतन एक भी दिन का नहीं मिला।
नगर आयुक्त अजीत कुमार सिंह ने बताया कि ठेकेदार की ओर से नवंबर के बिल 15 दिसंबर को दिए गए थे, जो मंजूर हो गए हैं। ठेकेदार के खाते में शुक्रवार को रुपये पहुंच जाएंगे। अब ठेकेदार की जिम्मेदारी है कि वह कर्मचारियों के खाते में वेतन का भुगतान करे। इसके लिए उसे निर्देश भी दिए गए हैं।
इन मोहल्लों से नहीं उठा कूड़ा
नेकपुर, बीरभट्टी, सुभाषनगर, मढ़ीनाथ, शांति विहार, बेनीपुर चौधरी, रामपुर गार्डन, नौमहला, बिहारीपुर, मेमरान, फाल्तूनगंज, सिकलापुर, आजमनगर, आलमगिरीगंज, गंगापुर, शाहबाद, कानूनगोयान, मॉडल टाउन, जनकपुरी, इंदिरानगर, आवास विकास, भूड़, फरीदापुर चौधरी, परतापुर चौधरी, गांधीपुरम, शास्त्रीनगर, रहपुरा चौधरी, रेलवे काॅलोनी, कंजादासपुर, नगरिया परीक्षित, पीरबहोड़ा, आईवीआरआई।