बरेली। भोजीपुरा-अगरास और सेथल-जादौपुर मार्ग के चौड़ीकरण से पहले बिजली लाइनों को शिफ्ट करने के लिए पीडब्ल्यूडी ने बिजली निगम के अभियंताओं को पौने चार करोड़ रुपये दिए थे। सेथल-जादौपुर मार्ग का चौड़ीकरण पूरा हो गया। भोजीपुरा-अगरास मार्ग के 19 में 14 किलोमीटर हिस्से का चौड़ीकरण हो गया पर लाइनों व खंभों को शिफ्ट करने का काम शुरू नहीं हो सका। मुख्य मार्गों की पटरी पर खंभे जहां के तहां लगे हुए हैं। मुख्य मार्ग पर ट्रैफिक बढ़ने पर कई बार वाहनों को पटरी पर उतरना पड़ता है तो खंभे बाधा बनकर सामने आ जाते हैं। इससे हादसे होने की आशंका रहती है।
- भोजीपुरा-अगरास मार्ग के 19.6 किलोमीटर हिस्से में लाइन व पोल शिफ्टिंग के लिए 21 मार्च को 3.36 करोड़ रुपये दिए गए। अब तक एक भी खंभा शिफ्ट नहीं किया गया। दो-तीन खंभे जो चौड़ीकरण में बाधा बन रहे थे, शटडाउन लेकर कार्यदायी संस्था (पीडब्ल्यूडी के ठेकेदार) ने उन्हें खुद हटवाया, लेकिन बिजली निगम के संबंधित अभियंता नहीं चेते।
- सेथल जादौपुर मार्ग के 17 किलोमीटर हिस्से में लाइन शिफ्टिंग के लिए पीडब्ल्यूडी ने नवंबर 2022 में बिजली निगम को 51 लाख रुपये हस्तांतरित किया था, लेकिन अभियंताओं ने अभी तक लाइन को शिफ्ट नहीं कराया है। लोक निर्माण विभाग के अवर अभियंता ने इसके लिए पैरवी की, फिर भी काम शुरू नहीं हुआ। अब तो मार्ग का चौड़ीकरण भी हो चुका है।
भोजीपुरा-अगरास मार्ग को 3.75 से 5.5 मीटर और सेथल-जादौपुर मार्ग को 3.75 से सात मीटर चौड़ा किया गया है। दोनों मार्गों पर सड़क के दोनों तरफ 1.5-1.5 मीटर की कच्ची पटरी है। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता नारायण सिंह ने बताया कि सड़क की पटरी पर भी खंभे नहीं होने चाहिए। इसलिए शिफ्टिंग जरूरी है। लाइन शिफ्टिंग लिए धनराशि देने के बाद कई बार पत्र लिखे गए हैं। उम्मीद है कि जल्दी ही खंभे हट जाएंगे।
मैंने एक्सईएन से जानकारी ली तो पता लगा कि सेंथल-जादौपुर मार्ग के खंभे हटा दिए गए हैं। भोजीपुरा-अगरास मार्ग के लिए अभी पीडब्ल्यूडी ने लाइन शिफ्ट करने के लिए कॉरिडोर नहीं दिया, लाइन कैसे शिफ्ट करें।- अशोक कुमार चौरसिया, अधीक्षण अभियंता, मध्यांचल विद्युत वितरण निगम
देरी तो हुई है। अभी तक सेंथल-जादौपुर मार्ग के खंभे नहीं हटाए गए। अब मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के एक्सईएन कह रहे हैं कि दो दिन में खंभे हटवा देंगे। -अभिनेष कुमार, अधीक्षण अभियंता, लोक निर्माण विभाग