असंक्रमणीय भूमि को संक्रमणीय श्रेणी में परिवर्तित कराने तहसील पहुंचे बसपा के पूर्व पदाधिकारी ने एसडीएम सहसवान से कहासुनी के बाद विषाक्त पदार्थ खा लिया। गंभीर हालत में बरेली ले जाते वक्त रास्ते में उनकी मौत हो गई। परिवार वालों ने एसडीएम पर गंभीर आरोप लगाते हुए जिला अस्पताल में हंगामा कर दिया। बाद में कोतवाली पुलिस ने सभी को शांत कराया। मृतक ने सुसाइड नोट में एसडीएम किशोर गुप्त और कानूनगो ओमकार को जिम्मेदार ठहराया है।
मूल रूप से सहसवान के गांव रसूलपुर टप्पा डांस निवासी अनुसूचित जाति के 35 वर्षीय हरवीर पुत्र गंगाधर के नाम 2006 में साढ़े दस बीघा जमीन का पट्टा हुआ था। काफी समय से हरवीर पट्टा की इस भूमि को असंक्रमणीय श्रेणी से संक्रमणीय श्रेणी में दर्ज कराने के लिए तहसील के चक्कर लगा रहे थे। शनिवार अपराह्न करीब साढ़े तीन बजे वह इसी सिलसिले में तहसील गया था। बताया जाता है कि यहां उसकी एसडीएम किशोर गुप्त से कहासुनी हो गई। इसके बाद वह तहसील से अपने घर चला गया। घर पर विषाक्त पदार्थ खाने के बाद दोबारा करीब पांच-छह बजे तहसील पहुंचा। यहां उसकी हालत बिगड़ गई।
सीओ ऑफिस का एक सिपाही हरवीर को लेकर निजी डॉक्टर के पास पहुंचा। डॉक्टर ने इलाज से इंकार किया तो उसे सीएचसी ले जाया गया। यहां से हरवीर को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। हालत में सुधार न होने पर देर रात जिला अस्पताल से उसे बरेली रेफर कर दिया गया, लेकिन उसने बरेली पहुंचने से पहले रास्ते में ही दम तोड़ दिया।
संबंधित मामला संज्ञान में आया है। हरवीर नाम का व्यक्ति भूमि की श्रेणी बदलवाने के लिए एसडीएम के पास पहुंचा था। वह शनिवार को ही श्रेणी परिवर्तित कराने का दबाव बना रहा था। एसडीएम ने कागजात देखने के बाद कहा था कि आगे की कार्रवाई कल करेंगे, लेकिन वह अपनी जिद पर अड़ा रहा। इसके बाद तहसील परिसर के बाहर उसने कुछ खा लिया। इससे उसकी मृत्यु हो गई।
- कुमार प्रशांत, डीएम