दलहनी-तिलहनी फसलों में सड़न का खतरा
बारिश से दलहनी और तिलहनी फसलों पर भी खतरा बढ़ा है। जिले में 15,063.51 हेक्टेयर उड़द, 6,365.64 हेक्टेयर तिल, 1,398.14 हेक्टेयर मूंग और 360.04 हेक्टेयर अरहर बोई गई है। लगातार नमी और जलभराव से इन फसलों में सड़न व फंगस की समस्या हो सकती है। इसके अलावा 7,761 हेक्टेयर बाजरा, 4,124 हेक्टेयर ज्वार और 946 हेक्टेयर में मक्का की खेती हुई है। सब्जी उत्पादक भी जलभराव को लेकर चिंतित हैं।
48 घंटे में दें फसल नुकसान की सूचना
उप कृषि निदेशक ओपी मिश्र ने बताया कि बारिश से धान, गन्ने समेत अन्य फसलों को नुकसान की आशंका है। विकासखंड स्तर पर टीमों को खेतों का सर्वे कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। वास्तविक नुकसान का आंकड़ा सर्वे पूरा होने के बाद ही सामने आएगा।
किसानों को खेतों से तत्काल पानी निकालने की सलाह दी गई है। फसल बीमा कराने वाले किसान नुकसान की सूचना 48 घंटे के भीतर निर्धारित प्रक्रिया के तहत दर्ज कराएं। समस्या होने पर संबंधित ब्लॉक, कृषि अधिकारी या उपनिदेशक कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है।