प्रभारी मंत्री ने एडीएम स्तर से जांच कराकर 15 दिन में रिपोर्ट देने के दिए निर्देश
बरेली। राशन में गड़बड़ियों के चलते पूर्ति विभाग एक बार फिर जनप्रतिनिधियों के निशाने पर रहा। प्रभारी मंत्री पंडित श्रीकांत शर्मा की समीक्षा बैठक में जन प्रतिनिधियों ने राशन से जुड़ी कई शिकायतें कीं। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एडीएम स्तर पर जांच कराकर 15 दिन में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। उन्होंने धीमी गति से चल विकास कार्यों पर नाराजगी भी जताई। कहा चौपुला ब्रिज पूरा करने के लिए तीन शिफ्टों में काम कराया जाए। उन्हाेंने कहा कि अगले छह माह निर्माणाधीन प्रोजेक्टों का लोकार्पण होगा। इसलिए संबंधित विभाग और उसके अफसर तैयार रहें। मंत्री ने अस्तव्यस्त यातायात व्यवस्था और शहर में फैली गंदगी आदि पर नाराजगी जताई।
मंगलवार शाम प्रभारी मंत्री श्रीकांत शर्मा ने वीडियो कांफ्रेंसिंग से जिले का हालचाल जाना और जनप्रतिनिधियों से फीडबैक लिया। भाजपा नेता और विधायकों को जैसे ही बोलनेे का मौका मिला तो उन्होंने सिस्टम पर सीधा प्रहार शुरू कर दिए। विधायक छत्रपाल सिंह ने कहा कि एसडीएम और तहसीलदार फोन तक नहीं उठाते हैं। लोगों के राशनकार्ड नहीं बनाए जा रहे हैं। दो सौ रुपये में नए कार्ड बनाने, प्रति यूनिट बढ़ाने और सही करने पर भी वसूली हो रही है। विधायक श्यामबिहारी लाल, केसर सिंह, डीसी वर्मा, डॉ. अरुण कुमार आदि ने राशनकार्ड नहीं बनने, यूनिट कटने, कार्ड रद होना, ज्यादातर श्रमिकों को एक हजार रुपये नहीं मिल पाना, सफाई व्यवस्था, निर्माणाधीन प्रोजेक्टों में मनमानी आदि के मामले उठाए। मेयर ने भी श्रमिकों के आवेदन पत्र रद्द होने का मामला उठाया। उन्होंने बताया कि सालिडवेस्ट मैनेजमेंट के लिए जमीन मिल गई और रजिस्ट्री भी हो गई है। इससे पहले खाद्य राज्यमंत्री की समीक्षा बैठक में पूर्ति विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठे थे। भाजपा जिलाध्यक्ष पवन शर्मा, शहर अध्यक्ष डॉ. केएम अरोरा, डीएम नीतीश कुमार, सीडीओ चंद्र मोहन गर्ग, संयुक्त आयुक्त उद्योग आरआर गोयल, सीएमओ डॉ. विनीत शुक्ला, एसई बिजली तारिक जलील, डीएसओ सीमा त्रिपाठी, बीएसए आदि कांफ्रेंस से जुड़े।
तीन शिफ्टों में काम कराकर चौपुला और सेटेलाइट प्रोजेक्ट पूरा कराएं
प्रभारी मंत्री ने चौपुला, सेटेलाइट व अन्य क्षेत्रों में चल रहे फ्लाईओवर के निर्माण, सड़कों के निर्माण कार्य तीन शिफ्ट में कराये जाने के निर्देश दिए हैं। यह भी कहा कि तय टाइम लाइन पर सभी विकास कार्य जरूर पूरे होने चाहिए। डीएम ने मंत्री से कहा कि शासन स्तर पैरवी कर लालफाटक प्रोजेक्ट संबंधी समस्या हल करा दें। क्योंकि रक्षा मंत्रालय से अभी एनओसी मिलना बाकी है। ट्रैफिक जाम की समस्या पर नाराजगी जताते हुए रूट डायवर्जन के भी निर्देश दिए। सीबी गंज में प्रस्तावित नाला शुरू नहीं होने पर लोनिवि और नगर निगम की जिम्मेदारी तय करने को कहा।
थानों से कबाड़ साफ कराएं
एसएसपी शैलेंद्र पांडे से कहा कि वे थानों में जमा वाहनों का निस्तारण करने के लिए किसी एक जगह पर कबाड़ एकत्र करा दें। एसएसपी ने बताया कि मुंडिया में जगह चिह्नित हो गई है। फेंसिंग आदि होना है, इस पर डीएम से कहा कि वे इसे कराना सुनिश्चित करें। इसके अलावा मंत्री ने शहर में फैली गंदगी पर नाराजगी जताते हुए नगर आयुक्त अभिषेक आनंद से कहा वे बारिश से पहले ही नाला-नाली साफ करा दें। मंत्री ने कहा कि नगर निगम शहर में पार्क विकसित करने पर जोर दिया। बीडीए उपाध्यक्ष दिव्या मित्तल ने बताया कि रामगंगा नगर में बड़ा पार्क तैयार किया जा रहा है।
22 जुलाई को फिर होगी समीक्षा
ऊर्जामंत्री श्रीकांत शर्मा ने 19 मार्च से अब तक हुए कार्यों की समीक्षा की तब संबंधित अफसर सन्नाटे में चले गए। उनका कहना था कि तीन माह में जो अपेक्षित कार्य होना चाहिए था वह नहीं हो पाए। कुछ अफसरों ने लॉकडाउन का बहाना बनाया। बीएसए स्कूलों में आरओ लगने की सही जानकारी नहीं दे पाए। इस पर उन्होंने कहा कि वे 22 जुलाई को फिर समीक्षा करेंगे तब तक सभी लंबित कार्य पूरे हो जाना चाहिए। उन्होंने कोविड अस्पताल में भर्ती मरीजों की स्थिति जानी और कहा कि वे खुद मरीजों से बात करेंगे। कोरोना आपदा में उल्लेखनीय कार्य करने पर बधाई दी।