बी-टू-बी नीति से बड़ा व्यापार
छोटे दुकानदारों को बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियों की मनमानी और कमीशन से बचाने के लिए सरकार के ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स प्लेटफॉर्म को तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है। इस दौरान उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार के प्रदेश अध्यक्ष मुकुंद मिश्रा, प्रदेश महामंत्री राजेंद्र गुप्ता, आईआईए के अध्यक्ष मयूर धीरवानी, सचिव रजत मेहरोत्रा, राजेश जसोरिया आदि मौजूद रहे।
देश की आर्थिक प्रगति में व्यापार जगत की महत्वपूर्ण भूमिका
राष्ट्रीय व्यापार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष सुनील सिंघी ने सोमवार को परसाखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र स्थित फैक्टरी परिसर में आयोजित संवाद कार्यक्रम में शिरकत की। उन्होंने स्थानीय व्यापारियों, उद्योगपतियों एवं सेवा क्षेत्र के प्रतिनिधियों के साथ औद्योगिक विकास पर चर्चा की।
मुख्य अतिथि ने कहा कि देश की आर्थिक प्रगति में व्यापार जगत की महत्वपूर्ण भूमिका है। विशिष्ट अतिथि उत्तर प्रदेश व्यापार कल्याण बोर्ड के प्रदेश अध्यक्ष मुकुंद मिश्रा और राष्ट्रीय बोर्ड के सदस्य राजेंद्र गुप्ता ने भी खाद्य प्रसंस्करण, निर्यात और रोजगार सृजन जैसे विषयों पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम की अध्यक्षता उप्र कृषि विकास परिषद के अध्यक्ष डॉ. घनश्याम खंडेलवाल ने की। प्रबंध निदेशक आशीष खंडेलवाल ने मुख्य अतिथि को स्मृति चिह्न भेंट किया। इसके बाद सिंघी ने बीएल कामधेनु फॉर्म का भ्रमण किया।
होटल संचालकों ने सौंपा ज्ञापन
सेंट्रल यूपी चैंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री सोसायटी के अध्यक्ष राजेश गुप्ता की ओर से होटल कारोबारियों की समस्याओं को लेकर राष्ट्रीय व्यापारिक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष सुनील सिंघी को चार सूत्री मांग पत्र सौंपा गया। समस्याओं के जल्द निस्तारण की अपील की। ज्ञापन में अव्यवहारिक तीन श्रेणी कर प्रणाली, चरित्र प्रमाण पत्र की अनिवार्यता समाप्त करने, जल कर के रूप में दोहरी मार का विरोध किया गया। 999 रुपये से कम किराये वाले कमरों पर जीएसटी से छूट की मांग की। संवाद
समागम में उठी श्रम कानूनों के सरलीकरण की मांग
आईएमए हॉल में सोमवार को आयोजित एमएसएमई समागम में श्रम कानूनों के सरलीकरण की मांग उठी। मुख्य अतिथि राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष सुनील सिंघी ने कहा कि सरकार की ओर से उद्योगों के विकास के लिए काम किया जा रहा है। इससे व्यापारियों की स्थिति में सुधार हुआ है। व्यापारियों को भी नियमित रूप से कर चुकाकर सरकार की मदद करनी चाहिए।
आईआईए के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिनेश गोयल ने कहा कि उद्योग विभाग की उदासीनता से फाइलें बहुत देर से आगे बढ़ती हैं। राजेश गुप्ता ने होटल इंडस्ट्री से जुडी समस्याओं को साझा किया। चेयरमैन मयूर धीरवानी ने श्रम कानूनों के सरलीकरण और आयकर प्रक्रियाओं को उद्यमियों के अनुकूल बनाने की मांग की। मनीष शर्मा ने बैंकिंग क्षेत्र में सुधार और सरल ऋण उपलब्धता पर जोर दिया। विमल रिवाड़ी ने औद्योगिक भूमि उपयोग की जटिलताओं को उठाने के साथ-साथ ओडीआर पोर्टल की विसंगतियों पर गंभीर चिंता जताई।
उन्होंने कहा कि लघु उद्योगों के लंबित भुगतान के डिजिटल समाधान के लिए बने इस पोर्टल को विशेषज्ञों ने बेहद जटिल और अव्यवहारिक बना दिया है। उन्होंने सुझाव दिया कि जब तक इस पोर्टल की खामियां दूर नहीं होतीं, तब तक पूर्व की ऑफलाइन व्यवस्था को बहाल रखा जाए। आशुतोष शर्मा ने फूड प्रोसेसिंग उद्योग में तकनीकी उन्नयन पर जोर दिया। घनश्याम खंडेलवाल ने वाणिज्य मंत्रालय से जुड़े अवसरों पर विचार रखे। डॉ. रविश अग्रवाल ने औद्योगिक इकाइयों में स्वास्थ्य जागरूकता को आवश्यक बताया। कहा कि छोटे अस्पताल बंद होने की कगार पर आ गए हैं। आयुष्मान का पैसा अस्पतालों तक नहीं पहुंच रहा है। ऐसे में काम करना मुश्किल हो गया है।