बहेड़ी। क्षेत्र से रोजाना हजारों क्विंटल गन्ना उत्तराखंड की सितारगंज चीनी मिल को जा रहा था। इस मामले में चीनी मिल प्रबंधन ने लखनऊ में गन्ना विभाग के अधिकारियों से बीते दिनों शिकायत की थी। लखनऊ से फरमान आने के बाद गन्ना विभाग के अफसर ने बॉर्डर क्षेत्र में रात की कश्त जिला गन्ना अधिकारी के साथ शुरू कर दी है। 27 जनवरी की रात से गन्ना विभाग के अफसर टीम के साथ रोजाना देर रात तक बॉर्डर क्षेत्र में गश्त कर रहे हैं।
गन्ना समिति के सचिव राजीव सेठ ने बताया कि सिरसा, कठगरी, भुड़िया, नंदेली चौराहा, सितारगंज चीनी मिल के मुड़लिया गैसू पुलिस बैरियर पर रोजाना रात को गन्ना माफियाओं की फिराक में गन्ना विभाग गश्त कर रहा है। इसके चलते गन्ना माफियाओं में अफरा-तफरी मच गई है। उन्होंने बताया की टीम के सदस्यों ने बताया है कि गन्ना माफिया कम दाम में किसानों से गन्ना खरीद कर सितारगंज चीनी मिल लेकर जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर कोई भी माफिया पकड़ में आता है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई कराई जाएगी।
गांव-गांव पर्यवेक्षक किसानों को कर रहे प्रेरित
गन्ना विभाग ने एक नई पहल चालू करते हुए क्षेत्र के सभी गन्ना किसानों के गांंव पर्यवेक्षकों को भेज कर किसानों को चीनी मिल को गन्ना सप्लाई करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं, लेकिन इस बार किसानों ने भी चीनी मिल के खिलाफ कमर कस ली है। किसानों ने समझाने पहुंचे पर्यवेक्षकों को ही उल्टा समझना शुरू कर दिया है।
उनका तर्क है कि जब चीनी मिल गन्ने का समय पर भुगतान नहीं कर सकती है तो फिर ऐसी मिल को आखिर कब तक वह उधार गन्ना देते रहेंगे। संवाद