गन्ना किसानों की दिवाली इस बार भी फीकी रहेगी। एक तो मानसून के आखिर में बारिश और तेज हवा ने गन्ने को खेत में गिरा दिया वहीं दूसरी ओर चीनी मिलों ने किसानों का 90 करोड़ से ज्यादा का बकाया भुगतान अब तक नहीं किया। क्षेत्र की दो चीनी मिलें किसानों का एक साल पहले का भी भुगतान रोके हुए हैं, वहीं एक चीनी मिल का बकाया भुगतान न्यायालय में जमा कराया जा रहा है।
योगी सरकार की सख्ती के बावजूद बरेली की सेमीखेड़ा केसर चीनी मिल पर 8.06 करोड़ और नवाबगंज चीनी मिल पर 21.61 करोड़ से ज्यादा का बकाया है। इनके अलावा बदायूं की बिसौली और शेखूपुर, पीलीभीत की बीसलपुर, पुरनपुर, शाहजहांपुर की तिलहर चीनी मिलों पर 90 करोड़ से ज्यादा बकाया है। किसानों को उम्मीद थी कि दिवाली से पहले मिलें उनका भुगतान कर देंगी लेकिन पेराई सत्र शुरू होने के बाद भी चीनी मिलों ने बिजौरिया के संदीप सिंह का एक लाख, इटौआ के सुरेश का 60 हजार, चुबकिया के अशर्फीलाल का 1.5 लाख, कनमन के गेंदनलाल गंगवार का 25 हजार रुपये का बकाया न देकर इन किसानों के परिवारों की दिवाली फीकी कर दी। दूसरी ओर सितंबर के तीसरे सप्ताह में तीन दिन तक लगातार बारिश और तेज हवाओं से गन्ना और धान की फसल को काफी नुकसान पहुंचा जिससे उत्पादन में 25-30 फीसदी कमी आई, इसकी वजह से किसान मायूस हैं।
गन्ना किसानों का बकाया भुगतान के लिए चीनी मिलों को नोटिस भेजे गए थे। कुछ किसानों का पैसा मिला है। जिनका भुगतान अब भी नहीं हुआ है मैं उनके लिए लखनऊ से आकर चीनी मिलों को दोबारा नोटिस भेजूंगा।
- सत्येंद्र सिंह, गन्ना उपायुक्त