नई साल से सभी तरह की मजदूरी का भुगतान मजदूरों के खातों में जमा करना होगा। इस बारे में केंद्रीय वित्त मंत्रालय की ओर से आदेश जारी हो गए हैं। इसे लागू कराने की जिम्मेदारी राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति और श्रम विभाग को सौंपी गई है। इसके लिए उद्यमियों, व्यापारियों तथा अन्य संगठनों से सहयोग की अपेक्षा की गई है। इनके खाते खुलवाने के लिए बैंकों की ओर से शहर, कस्बों तथा बड़े निर्माण स्थलों पर कैंप लगाए जाएंगे।
राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति के महाप्रबंधक ने आदेश में कहा है कि सभी बैंक कैंप लगाकर कृषि, गैर कृषि, सामान्य मजदूर, पेंटर, कार पेंटर, मिस्त्री तथा अन्य कारीगरों के शत प्रतिशत खाते खुलवा दिए जाएं। उपायुक्त श्रम, उपायुक्त (वाणिज्य कर) को सामाजिक, वाणिज्यिक, शैक्षणिक संगठनों तथा संस्थाओं से समन्वय कर खाते खुलवाने के निर्देश दिए गए हैं। यहां तक कि घरों में मरम्मत तथा निर्माण कराने वालों को भी मजदूर और मिस्त्री को उनके खातों में भुगताने के निर्देश हैं। केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने यूपी सहित सभी प्रांतों के मुख्य सचिवों से कहा है कि वह मजदूरों के खाते खुलवाने में डीएम और कमिश्नर से मदद कराएं।
सरकार का मानना है कि प्लास्टिक करेंसी का ही भविष्य है। लोगों को कैश निकालने के लिए बैंकों में लंबी लाइन नहीं लगानी होगी। जिसे जब भी जरूरत होगी, तभी एटीएम से सुविधानुसार धनराशि निकाल सकेगा।