बरेली के सुभाष नगर इलाके के एक परिवार में कोरोना संक्रमण मिलने के बाद से जिले के वहां के लोगों के साथ निजी डाक्टरों का रवैया बदल गया है। सुभाष नगर से लोगों के साथ डॉक्टर अछूतों की तरह पेश आ रहे हैं। डॉक्टरों के इस रवैये के कारण गुरुवार शाम सुभाष नगर में रहने वाले 15 माहीने के एक मासूम की मौत हो गई।
बच्चे में दिमागी बुखार जैसे लक्षण दिखने के बाद गुरुवार शाम उसकी मां उसे लेकर शहर के अस्पतालों में भटकती रही, लेकिन सुभाष नगर नाम सुनते ही सभी जगह बच्चे को भर्ती करने से इनकार कर दिया गया। आखिरकार मासूम ने इलाज न मिल पाने के कारण दम तोड़ दिया।
गन्ना मिल गली में रहने वाली महिला के मुताबिक उनके 15 महीने के बेटे को सप्ताह भर पहले दौरे पड़ने शुरू हुए थे। उन्होंने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया था, लेकिन गुरुवार रात नौ बजे बाल रोग विशेषज्ञ ने बच्चे की हालत गंभीर बताकर उसे कहीं और ले जाने को कहा। महिला रात में ही उसे लेकर शहर के कई निजी अस्पताल पहुंची।
महिला का कहना है कि सुभाष नगर का नाम सुनकर कोई भी अस्पताल उसके बेटे को भर्ती करने के लिए तैयार नहीं हुआ। देर रात पीलीभीत बाईपास के एक अस्पताल में उसे भर्ती किया गया, लेकिन सुबह पांच बजे बच्चे की मौत हो गई। बच्चे का शव लेकर वह सुभाष नगर लौट आई।