बरेली में दरोगा की दूसरी पत्नी होने का दावा करने वाली महिला ने सबूतों के साथ दरोगा से अपने रिश्ते के राज खोल दिए। उसने बताया कि वह दरोगा के साथ पत्नी की तरह रहती और दूसरे शहरों के होटलों में घूमती थी। कहा कि दरोगा के परिजनों ने उससे मारपीट और अभद्रता न की होती तो वह ये राज न खोलती, क्योंकि इसके साथ उसकी भी बदनामी जुड़ी है।
एसएसपी के पास पहुंची महिला के साथ कई वकील थे, बताया जा रहा है कि महिला मुंशी के तौर पर एक वकील के साथ काम करती है। महिला का आरोप है कि बारादरी थाने में मुलाकात व मेलजोल बढ़ाने के बाद दारोगा उसके घर आने-जाने लगा। वर्ष 2025 में करवाचौथ पर वह अपनी पत्नी के पास नहीं गया, बल्कि उसी से बतौर पत्नी पूजन कराया।
महिला ने उस वक्त के फोटो भी मीडिया व अधिकारियों को दिखाए। बताया कि फरवरी 2026 में बेटे की शादी का बहाना बनाकर दरोगा उससे करीब आठ लाख रुपये के सोने के जेवर ले गया। शादी में उसने केवल तीन दिन की छुट्टी ली और फिर सीधे उसके पास बरेली आ गया।
पत्नी-बेटे संग घर जाकर की पिटाई
महिला ने बताया कि जब उसने जेवर मांगे तो उसे धमकाया गया। उसके गर्भवती होने की जानकारी मिलने पर 12 मई को दरोगा उसे प्रेमनगर के एक नामी अस्पताल में ले गया। वहां से लेकर गर्भपात की दवा खिला दी, तबीयत बिगड़ने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया।
महिला के मुताबिक एक दिन दरोगा अपने बेटे और पत्नी के साथ उसके घर पहुंचा, वहां इन लोगों ने गाली-गलौज और मारपीट की। डायल 112 पर सूचना देने के बाद आरोपी जान से मारने की धमकी देकर भाग निकले। पीड़िता ने आरोप लगाया कि दरोगा पुलिस अधिकारियों से अपने करीबी रिश्ते का डर दिखाकर उसे धमकाता रहा।
पहले बीमारी की छुट्टी अब एक्सीडेंट की
बारादरी थाने से करीब डेढ़ महीने पहले दरोगा का तबादला सिरौली हुआ था। विभाग में चर्चा है कि दरोगा एक दो साल में रिटायर होने वाला है और महिला लगातार सरकारी रिकार्ड में खुद को पत्नी के तौर पर दर्ज कराने की जिद कर रही थी। ऐसे में पीछा छुड़ाने को उसने खुद ही दूर के थाने में तबादला कराया।
थाने में जाने के बाद उसने मेडिकल लीव ली। वहां 15 जून को आना था। समय पर नहीं आया तो थाना प्रभारी ने उसकी रपट दर्ज कर अधिकारियों को सूचना दी। हालांकि बाद में प्रमाणपत्र लगाकर वह जुलाई के शुरू में फिर काम पर लौट आया। पांच जुलाई की रात ड्यूटी करके बाइक से लौटते वक्त एक्सीडेंट में दरोगा का कंधा फ्रेक्चर हो गया। तब से वह निजी अस्पताल में भर्ती था, जहां ये विवाद हुआ।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि 4/5 जुलाई 2026 की रात आरोपी के सड़क हादसे के बाद महिला ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया, इलाज का खर्च उठाया, लेकिन अगले दिन अस्पताल पहुंचे उसके परिवार वालों ने महिला से अभद्रता की और आरोपी को अपने साथ ले गए।
अब महिला ने एसएसपी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दारोगा, उसकी पत्नी और बेटों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। न्याय की गुहार लगाई है। एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
महिला के यौन शोषण के आरोप में दरोगा निलंबित
बरेली में महिला को शादी और पुलिस में नौकरी दिलाने का झांसा देकर शारीरिक शोषण के आरोपी दरोगा नरेश बाबू को एसएसपी ने निलंबित कर दिया है। पीड़िता ने मंगलवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) और अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) से मुलाकात कर साक्ष्य के तौर पर कई तस्वीरें और वीडियो सौंपे।
प्राथमिक जांच के अनुसार, बारादरी के माधोबाड़ी निवासी पीड़िता का वर्ष 2022 से अपने पति से विवाद चल रहा है। वर्ष 2025 में जब वह शिकायत लेकर बारादरी थाने पहुंची, तो तत्कालीन विवेचक नरेश बाबू ने केस की जांच के बहाने पीड़िता के घर आना-जाना शुरू कर दिया। आरोप है कि दरोगा ने अपनी पहली पत्नी को तलाक देकर उससे शादी करने और पुलिस में नौकरी लगवाने का झांसा दिया।
इसी झांसे में रखकर वह लंबे समय तक महिला का शोषण करता रहा। पीड़िता के अनुसार, सेवानिवृत्ति नजदीक आने पर आरोपी ने उससे दूरी बनाने के लिए अपना तबादला सिरौली थाने करा लिया था। बीती 5 जुलाई को सड़क हादसे में घायल होने के बाद दरोगा को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जब महिला वहां दरोगा को देखने पहुंची, तो आरोपी के परिजनों ने उसके साथ मारपीट व अभद्रता की।
प्राथमिक जांच के आधार पर आरोपी दरोगा नरेश बाबू को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। मामले की विस्तृत विभागीय जांच एसपी दक्षिणी को सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।-अनुराग आर्य, एसएसपी, बरेली