बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय में विद्यार्थी पंडित राधेश्याम कथावाचक व आला हजरत पर शैक्षिक गतिविधियों के माध्यम से अध्ययन कर सकेंगे। इसके लिए विवि दोनों शोधपीठ को दोबारा शुरू करेगा। इस संबंध में कुलपति प्रो. केपी सिंह ने बुधवार को बैठक कर संबंधित शिक्षकों को जिम्मेदारी दी।
कुलपति कार्यालय में विभाग व संकाय अध्यक्षों की बैठक में कुलपति प्रो. केपी सिंह ने मौजूद शिक्षकों को कार्यालय में लगाने के लिए महात्मा ज्योतिबा फुले की तस्वीर प्रदान की। साथ ही विवि में महत्वपूर्ण शोधपीठों को फिर से खोलने और सक्रिय करने की जरूरत बताई।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय शोधपीठ, पंडित राधेश्याम शोधपीठ और आला हजरत शोधपीठ पर विशेष ध्यान देने के लिए कहा। कुलपति ने कहा कि विवि एक ऐसा परिवार है जो पंडित राधेश्याम और आला हजरत दोनों के मूल्यों को अपनाता है। इन सम्मानित हस्तियों की शिक्षाओं और दर्शन को मनाने वाले कार्यक्रमों, सेमिनार, व्याख्यान व प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा।
इससे विवि का सांस्कृतिक व शैक्षिक वातावरण समृद्ध किया जा सकेगा। राधेश्याम शोधपीठ को बहुभाषी अध्ययन के विभागाध्यक्ष को देखरेख करने की जिम्मेदारी दी। संचालन महात्मा ज्योतिबा फुले रिसर्च एंड स्टडी सेंटर के समन्वयक डॉ. सुरेश कुमार ने किया। इस दौरान कुलसचिव संजीव कुमार, उप कुलसचिव सुनीता यादव, तपन वर्मा आदि उपस्थित रहे। संवाद