यूपी बोर्ड के छात्रों को अब कक्षा में दादा-दादी, नाना-नानी की सेवा करने का पाठ भी पढ़ाया जाएगा। साथ ही दैनिक जरूरत की चीजों को छात्र पाठ्यक्रम के जरिये जान सकेंगे। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने शैक्षिक सत्र 2017-18 के लिए कक्षा नौ से लेकर बारह तक के पाठ्यक्रम में संशोधन किया है। इसे एक जुलाई से शुरू हो रहे शैक्षिक सत्र से लागू किया जाएगा। राजकीय हाईस्कूल क्यारा के प्रधानाचार्य ने सुभाष मौर्या ने बताया कि संशोधित पाठ्यक्रम में इस बार छात्र के संपूर्ण विकास पर जोर दिया गया है।
कक्षा नौ में कुछ मुख्य संशोधन
कक्षा नौ हिंदी में 11 पाठ होते थे जो अब 12 होंगे। शिवमंगल सिंह सुमन की रचना युगवीणा को जोड़ा गया है। कक्षा नौ सामाजिक विज्ञान में संघ लोग सेवा आयोग और राज्य सेवा आयोग के बारे में पढ़ाया जाएगा। इसके अलावा आर्थिक विकास, बैंक, चेक, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड का प्रयोग पढ़ाया जाएगा। प्रोजेक्ट वर्क में बैंक, चेक से पैसा कैसे निकालते हैं, डेबिट क्रेडिट कार्ड का प्रयोग कैसे करते हैं, शामिल होगा। होम साइंस में स्वास्थ्य रक्षा जिसमें व्यक्तिगत सार्वजनिक स्वच्छता एवं भोजन व स्वास्थ्य विषय पर पढ़ाई होगी। विज्ञान में सजीव जगत और खेल एवं शारीरिक शिक्षा के तहत दादा-दादी, नाना-नानी और घर के बुजुर्गों की सेवा का पाठ पढ़ाया जाएगा।
कक्षा दस में संशोधन
कक्षा नौ की तरह होम साइंस में स्वास्थ्य के बारे में पढ़ाया जाएगा। साइंस में रसायनिक पदार्थ व कार्बनिक रसायन का चैप्टर बढ़ाया गया है। बायो में जीवन प्रक्रिया को जोड़ा गया है। सामाजिक विज्ञान में अर्थव्यवस्था की समस्याएं, जीएसटी, वैट, सर्विस टैक्स को शामिल किया गया है। इसी के तहत बैंक और पैन कार्ड व आधार कार्ड कैसे बनवाएं उसके बारे में पढ़ाया जाएगा। नैतिक शिक्षा में बुजुर्गों की सेवा का पाठ शामिल है।
कक्षा ग्यारह में संशोधन
नैतिक शिक्षा के तहत बुजुर्गों की सेवा, बाल संरक्षण, अंग्रेजी में प्रोज में 150 शब्दों का पांच अंक का सवाल पूछा जाएगा। वोकेबुलरी में तीन वाक्य तीन नंबर के होंगे। समाजशास्त्र में सूचना का अधिकार कानून, मानव व पशु समाज के बारे में पढ़ाया जाएगा। द्वितीय पेपर में आश्रम ज्ञान, दहेज प्रथा, एग्रोनोमी में खरपतवार को शामिल किया गया है। रसायनिक द्वितीय पेपर में कार्बनिक रसायन शामिल करते हुए प्रैक्टीकल में संशोेधन किया है।
बारहवीं में संशोधन
बारहवीं में सिलाई के विषय में लिखित परीक्षा दो भागों में होगी, जिसके लिए 35-35 अंक होंगे और समय सवा तीन घंटे की जगह तीन घंटे का होगा। प्रैक्टीकल चार घंटे का होगा। पास होने के लिए 23 नंबर थ्योरी और 10 अंक प्रैक्टीकल में लाने होंगे। हिंदी संस्कृत विषय में संशोधन किया है। रसायनिक विज्ञान की इकाई पांच, छह और सात में संशोधन किया गया है।