शहर का सबसे बड़ा सुभाष नगर का नाला साहू गोपीनाथ इंटर कालेज से शुरू होकर सिविल लाइन, मिशन कंपाउंड, जेल और सुभाषनगर होते हुए राजीव कालोनी रेलवे पुलिया तक जाता है। छह हजार मीटर लंबा ये नाला बरसात में हर साल मुसीबत बनता है। सिविल लाइन समेत छह छोटे नाले भी इससे जुड़े हैं। इस बार मनोकामना मंदिर से रेलवे लाइन तक नाला कूड़े से पटा पड़ा है। नाले पर 80 फीसदी से ज्यादा अतिक्रमण है। नगर निगम की टीम ने पिछले साल भी सफाई की खानापूरी की। इसबार भी यह नाला लोगों के लिए मुसीबत बनने वाला है। कवर्ड न होने से दो बच्चे नाले में गिर चुके हैं।
साहू गोपीनाथ मंदिर के सामने दिनेश नर्सिंग होम के निकट नाला चोक है। यहां दुकानदारों ने नाले पर पक्की फर्श बना रखी है। अतिक्रमण की वजह से बरसों से नाला साफ नहीं हो पा रहा। बरेली कालेज, सिविल लाइन, विश्वनाथ प्रेस, मिशन कंपाउंड पर भी नाला चोक है। छह छोटे नालों का पानी भी इसी नाले में गिरता है। बरसात होते ही कालीबाड़ी चौराहा, रामपुर गार्डन, जेल, कचहरी, सुभाषनगर, राजीव कालोनी में नाला ओवरफ्लो होने से घरों में दो से तीन फुट तक पानी भरता है। सुभाषनगर पुलिया पर जलभराव होने से शेष शहर का यहां से संपर्क कट जाता है। इस बार राजीव कालोनी में मनोकामना मंदिर से रेलवे लाइन तक नाला कूड़े से पटा पड़ा है। नगर निगम की जेसीबी सोमवार को राजीव कालोनी गई भी थी। मगर, बिना अतिक्रमण हटाए ही नाला साफ किया गया जिससे चोक पूरी तरह नहीं खुला। अब तक इस नाले से होने वाले जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने से बच्चों के गिरने का खतरा हर वक्त रहता है।
इन नालों का पानी भी गिरता है
1- राजीव कालोनी से चक्की वाली पुलिया मेन रोड तक
2- चक्की वाली पुलिया से खन्ना बिल्डिंग तक
3- खन्ना बिल्डिंग से सुभाषनगर थाना जेल मोड़ तक
4- जेल की दीवार से फील्ड होते हुए एबी कंपाउंड होते हुए मिशन अस्पताल गेट तक
5- मिशन मार्केट से ग्लोरी स्वीट्स होते हुए अंडरग्राउंड नाले का पानी
6- रामपुर बागे से विश्व मानव प्रेस, सीता अस्पताल के पीछे, श्यामगंज से पुलिस चौकी नाले का पानी
क्या है समाधान
पार्षद आलोक तायल का कहना है कि सुभाषनगर नाले में आधे शहर का पानी गिरता है। ये हर साल की समस्या है। हमने नगर निगम बोर्ड की बैठक में रेलवे के लोकोरोड से नाले को डायवर्ट करने का सुझाव रखा था। इससे बरसात में पानी लोको रोड से सीधे शहर से बाहर चला जाता और बस्ती जलभराव से बच जाती। नगर निगम ने उनका ये प्रस्ताव ठंडे बस्ते में डाल दिया।
सीसीटीवी कैमरे लगाएं
गांधी वार्ड की पार्षद रागिनी अग्रवाल के मुताबिक सिविल लाइन में नाला चोक है। सुभाषनगर में नाले की चौड़ाई ज्यादा होने से छोटे बच्चों को गिरने का खतरा रहता है। घरों से लोग सीधे कूड़ा नाले के अंदर फेंकते हैं। नगर निगम के कर्मचारी भी कभी-कभी कूड़ा नाले में फेंककर चले जाते हैं। नाले के आस-पास सीसीटीवी कैमरे लगवाएं। जो कूड़ा फेंके। उस पर जुर्माना लगाया जाए।
क्या कहते हैं लोग
नाले के अंदर कूड़ा नहीं डालना चाहिए। नगर निगम बरसात से पहले तलीझाड़ सफाई कराए ताकि बरसात में पानी आसानी से शहर से बाहर हो सके। सफाई के नाम पर खानापूरी करने से काम नहीं चलेगा। कृष्ण कुमार भाटिया, व्यवसायी, सिविल
नाला सफाई के नाम पर केवल बजट खर्च करने से काम नहीं चलेगा। बरसात से पहले ठीक तरह से अतिक्रमण हटाकर नाले साफ हों। अन्यथा हर साल की तरह इस साल भी बरसात में जलभराव का सामना करना पड़ेगा। अनुज अग्रवाल, रामपुर गार्डन
सबसे पहले नालों से अतिक्रमण हटे। जहां जरूरत हो, वहां मशीन से और बाकी जगह नाले की मैनुअल सफाई कराई जाए। टाइम बहुत कम बचा है। इतने कम समय में नगर निगम कैसे नालों की सफाई कराएगा। ये मेरी समझ से बाहर है। राजा चावला, दुकानदार
बरसात से पहले बड़े नालों की मशीन से और छोटे नालों की मैनुअल सफाई शुरू कराई जा चुकी है। कम से कम बजट में ज्यादा सफाई कराई जाएगी। जहां जरूरत होगी, वहां अतिक्रमण हटाकर नाले साफ कराए जाएंगे। विमल कुमार मिश्रा, मुख्य सफाई निरीक्षक