बरेली। बरेली कॉलेज में मंगलवार को छात्रवृत्ति के लिए बायोमीट्रिक कराने के लिए पहुंचे छात्र-छात्राओं को परेशानी उठानी पड़ी। छात्रवृत्ति के लिए केवल छात्राओं का ही काउंटर खोला गया, जहां छात्र-छात्राओं दोनों को एक ही लाइन में लगना पड़ा। वहीं अधिकांश काउंटरों के कर्मचारियों को छात्रवृत्ति के डाटा फीडिंग के कार्यों में लगा दिया गया है। बायोमीट्रिक कराने की अंतिम तारीख 18 दिसंबर है।
बताया जा रहा है कि छात्रों की डाटा फीडिंग के लिए जिला प्रशासन ने कॉलेज को चार दिन की समय अवधि दी है, इसमें से भी एससी-एसटी छात्र-छात्राओं के डाटा को जल्द फीड करने के लिए कहा गया है। इसके लिए 15 से 16 कर्मचारियों की टीम बनाई गई है, जो मंगलवार रात को भी कार्यालय में काम करेगी। प्राचार्य प्रो. ओपी राय ने बताया कर्मचारियों को डाटा फीडिंग के कार्य में लगाना हुआ, इसलिए एक ही काउंटर खोला गया, हालांकि सभी विद्यार्थियों का डाटा फीडिंग के लिए जिला प्रशासन से निर्देशित किया गया है, इस पर कार्य तेजी से चल रहा है। दूसरी ओर रुहेलखंड विश्वविद्यालय के अलग-अलग विभाग के छात्र-छात्राओं को 18 दिसंबर तक डीएसडब्ल्यू कार्यालय में अपनी बायोमीट्रिक कराना अनिवार्य है, जिसके बाद बायोमीट्रिक नहीं कराई जाएगी। डीएसडब्ल्यू प्रो. पीबी सिंह के अनुसार यदि समय से छात्रवृत्ति फॉर्म फॉरवर्ड नहीं होता है तो इसकी जिम्मेदारी छात्र व विभागाध्यक्ष की ही होगी।
शिक्षकों की टीम गठित, रात में भी होगा काम
रुविवि परिसर के छात्र-छात्राओं को तीन-तीन शिक्षक व दो-दो कर्मचारियों को अलग-अलग शिफ्ट में बायोमीट्रिक कराने के लिए तैनात किया गया है। तीन शिफ्ट में सुबह आठ से चार, शाम चार बजे से रात 12 बजे और रात 12 बजे से सुबह आठ बजे तक बायोमीट्रिक कराई जाएगी। इसके लिए डॉ. अनिल बिष्ट, डॉ. अश्विनी गुप्ता, डॉ. आशुतोष शंखधार, डॉ. अतुल सरोजवाल, डॉ. रामजी, डॉ. मुकुल गुप्ता, डॉ. सुमित श्रीवास्तव, डॉ. वरुण प्रताप व डॉ. सौरभ पाठक को छात्रवृत्ति के कार्य में लगाया गया है।