एक छात्र के साथ अजीबो-गरीब वाक्या हुआ है। उसने कभी बीटेक करने के बारे में सोचा भी नहीं और एक निजी कालेज में बीटेक में उसका एडमिशन भी हो गया। उसके नाम से 54 हजार रुपये स्कालरशिप भी ले ली गई। चूंकि यह आर्ट वर्ग का छात्र है इसलिए नियमानुसार वह बीटेक कर भी नहीं सकता लेकिन अपने बीटेक में एडमिशन के खुलासे के बाद से हैरत में है।
शहर के दुर्गानगर में रहने वाले इस छात्र देवेंद्र कुमार को इस मामले की जानकारी तब हुई जब वह मुरादाबाद की एक निजी यूनिवर्सिटी में एमएड में एडमिशन कराने गया। देवेंद्र के मुताबिक, यूनिवर्सिटी ने रिजर्व कोटे से होने के कारण फ्री सीट पर एडमिशन के लिए स्कालरशिप वेबसाइट पर उसकी स्थिति की जांच की तो पता लगा कि उसका एडमिशन बीटेक में जिले के निजी कालेज में चल रहा है। जांच में पाया गया कि इस कालेज में उसका एडमिशन वर्ष 2012-13 में बीटेक फर्स्ट, 2013-14 में बीटेक सेकेंड और 2014-15 में फिर बीटेक प्रथम (सीएस) में किया या है। बीटेक सेकेंड के दौरान उसके नाम से 54 हजार रुपये स्कालरशिप भी शासन से रिलीज हुई, जो बैंक ऑफ बड़ौदा की नरकुलागंज शाखा में खुले उसके नाम के खाते में गई। बैंक में जाकर उसने पता किया तो पता लगा कि कालेज के स्थान के पते से खोले गए इस खाते से स्कालरशिप का पैसा पहले ही निकाला जा चुका है और अब खाता भी बंद है। देवेंद्र ने बताया कि मुरादाबाद की यूनिवर्सिटी ने बीटेक में एडमिशन मिलने की वजह से उसको एमएड में एडमिशन देने से इंकार कर दिया इसलिए उसके साथ अन्याय हुआ है। देवेंद्र ने सोमवार को अंबेडकर छात्र सभा के प्रदेश अध्यक्ष विशाल गौतम, जिलाध्यक्ष जोगेंद्र सिंह और ओमेंद्र पटेल के साथ कलेक्ट्रेट जाकर मामले की लिखित शिकायत डीएम से की। क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी से भी कार्रवाई की मांग की।
उसके नाम से बीटेक में एडमिशन स्कालरशिप की वेबसाइट पर उसके नाम से बीटेक में एडमिशन
वह मुरादाबाद की निजी यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेने गया