चीफ प्रॉक्टर ने सात छात्रों को जारी किया कारण बताओ नोटिस
बरेली। कोरोना महामारी में विश्वविद्यालय और कॉलेज बंद होने से पढ़ाई प्रभावित रही। 16 मार्च से परीक्षाएं प्रस्तावित हैं। ऐसे में कोर्स अधूरा होने पर परीक्षा में कम अंक मिलने की आशंका में सोमवार को छात्रों ने नारेबाजी करते हुए कुलपति कार्यालय में धरने पर बैठ गए। प्रॉक्टोरियल टीम और सुरक्षा प्रभारी ने समझाने का प्रयास किया तो धक्कामुक्की की गई। देर शाम सात छात्रों को नोटिस दिया गया है।
जानकारी के मुताबिक, सोमवार की दोपहर छात्र उज्ज्वल ढाका के नेतृत्व में करीब 70 से ज्यादा छात्र कुलपति कार्यालय पर पहुंचे। उन्होंने कुलपति से मिलने के लिए कहा। कुलपति ने कुछ छात्रों को अंदर बुलाया मगर सभी एक साथ आगे बढ़ने लगे। छात्रों को टोका गया तो वे नारेबाजी करने लगे। हंगामे की सूचना प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्य मौके पर पहुंचे। उन्होंने छात्रों को शांत कराने का प्रयास किया। छात्रों ने बगैर कुलपति से मुलाकात किए जाने से इनकार कर दिया और वहीं धरने पर बैठ गए। इस पर प्रॉक्टोरियल बोर्ड और सुरक्षा प्रभारी उन्हें खदेड़ने लगे। इसी बीच धक्कामुक्की भी हुई। करीब दो घंटे तक चले हंगामे के बाद ज्यादातर छात्र लौट गए मगर छह-सात छात्र धरने पर बैठे रहे। चीफ प्रॉक्टर के मुताबिक छात्रों ने घोर अनुशासनहीनता की है, इसलिए चिह्नित छह छात्रों को नोटिस दिया गया है। इसमें प्रतीक चौधरी, रवि गिरी, हिमांशु कुमार, उज्ज्वल ढाका, राहुल गिरी, शुभम सिंह शामिल हैं। उधर, उज्ज्वल ढाका का कहना है कि उन्होंने कोई अनुशासनहीनता नहीं की है। प्रॉक्टोरियल बोर्ड ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया है।