बरेली। 12वीं का छात्र मंगलवार शाम चीनी मांझे की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गया। आसपास के लोगों ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है।
चौरासी घंटा मंदिर बदायूं रोड निवासी विमल प्रताप सिंह मेडिकल क्षेत्र के कार्यरत हैं। उनका बेटा वैभव प्रताप सिंह डीडीपुरम की कोचिंग में पढ़ने जात है। वह कोचिंग से पढ़कर घर लौट रहा था, इसी दौरान महादेव सेतु पर चढ़ते ही वह मांझे की चपेट में आ गया। इससे उसकी गर्दन, अंगुली, कान पर जख्म हो गया।
पहले तो वह कुछ समझ नहीं पाया, लेकिन कुछ ही देर में उसकी गर्दन से खून बहने लगा और वह पुल पर ही गिर पड़ा। एक राहगीर ने उसके पिता को कॉल कर सूचना दी और उसे स्टेडियम रोड स्थित अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों के अनुसार, गर्दन पर गहरा घाव होने के कारण छात्र की हालत गंभीर बनी हुई है।
इस घटना ने एक बार फिर प्रशासन और संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। चीनी मांझे की बिक्री और उपयोग प्रतिबंधित है। इसके बावजूद शहर में खुलेआम इसकी बिक्री की शिकायतें आ रही हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से अवैध रूप से बिक रहे चीनी मांझे के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।