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बरेलीः सिरौली में झोलाछाप के इलाज से छात्रा की मौत

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शिवानी - फोटो : अमर उजाला, बरेली
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दसवीं की परीक्षा दे रही थी 14 वर्षीय शिवानी, परिजन ने हंगामा किया तो क्लीनिक छोड़कर भाग गई छोलाछाप

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सिरौली (बरेली)। झोलाछाप के इलाज से दसवीं की छात्रा की शनिवार रात मौत हो गई। परिवार वालों के अनुसार हालत बिगड़ने पर छात्रा को चंदौसी ले गए, जहां डॉक्टरों ने गंभीर हालत देखकर इलाज करने से मना कर दिया। मुरादाबाद ले जाने पर डॉक्टरों ने एम्स रेफर कर दिया। दिल्ली ले जाते समय उसकी मौत हो गई। रविवार सुबह छात्रा का शव घर आया तो कोहराम मच गया। गुस्साए परिवार वालों ने झोलाछाप के क्लीनिक पर पहुंचकर हंगामा किया तो वह मौका पाकर भाग गई। हालांकि इस मामले में अभी पुलिस को तहरीर नहीं दी गई है।
नवाबपुर खुर्द के ताराचंद की 14 वर्षीय बेटी शिवानी दसवीं की छात्रा थी। वह लाल जीवन इंटर कॉलेज में परीक्षा दे रही थी। परिवार वालों के अनुसार दो दिन पूर्व शिवानी को पेचिश हो गई थी। गांव की ही एक महिला झोलाछाप को दिखाया। उसने छात्रा को ड्रिप लगा दी। इससे उसकी हालत में कुछ सुधार हो गया। इसके बाद छात्रा को कुछ दवाएं देकर घर भेज दिया। इसकेे बाद छात्रा ने शनिवार को परीक्षा दी। परीक्षा देने के कुछ घंटे बाद ही छात्रा की फिर हालत बिगड़ गई तो उसे फिर झोलाछाप को दिखाया। आरोप है कि झोलाछाप की दी दवाई खाते ही छात्रा की हालत बिगड़ गई। परिवार वाले उसे चंदौसी ले गए, लेकिन वहां डाक्टरों ने उसकी नाजुक हालत देखकर इलाज करने से इनकार कर दिया। इसके बाद मुरादाबाद ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उसे एम्स के लिए रेफर कर दिया। मुरादाबाद से निकलते ही छात्रा ने दम तोड़ दिया। छात्रा का शरीर नीला पड़ गया था। कोतवाल राहुल सिंह ने बताया कि अभी छात्रा के परिजन की ओर से तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर झोलाछाप के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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झोलाछाप की भरमार, शिकायत पर भी नहीं होती कार्रवाई
इलाके में झोलाछाप डॉक्टरों की भरमार हैं। अक्सर इनके गलत इलाज से मरीजों की जान पर बन आती है। झोलाछाप के इलाज से मौत के भी आएदिन मामले सामने आ रहे हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की मेहरबानी से इनका धंधा फलफूल रहा है। झोलाछाप की शिकायत करने पर भी कोई कार्रवाई न होने से इनका मनोबल बढ़ा हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार आठ माह में एक दर्जन से अधिक मरीजों की मौत झोलाछाप के इलाज से हो चुकी है।
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ऐसा कोई मामला अभी मेरे संज्ञान में नहीं आया है। परिजन शिकायत करेंगे तो आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। लोगों को भी चाहिए कि वे झोलाछापों के चक्कर में न पड़ें। आसपास के किसी भी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर इलाज कराएं। सुधार न होने पर जिला अस्पताल आएं। - डॉ. विनीत कुमार शुक्ल, सीएमओ।
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