बरेली। तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था को गतिमान बनाए रखने के लिए उद्योग और व्यापार के आर्थिक ढांचे की मजबूती आवश्यक है। सरकार का ध्यान पूरी तरीके से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम इकाइयों की स्थापना, ट्रेडिंग के व्यवसाय का दायरा बढ़ाने व अधिकतम युवाओं को नौकरी के बजाय स्वरोजगार स्थापित करने पर केंद्रित करना है।
ये बातें बृहस्पतिवार को उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल की कोर कमेटी की बैठक में यूनियन बैंक आफ इंडिया के क्षेत्रीय प्रबंधक बृजेश तिवारी ने कहीं। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की चौथी अर्थव्यवस्था है लेकिन तीसरी बनने के लिए औद्योगिक विकास और वाणिज्य को तीव्र गति देना आवश्यक है।
प्रांतीय महामंत्री राजेंद्र गुप्ता ने कहा कि बैंक और व्यापार एक दूसरे के ऊपर निर्भर हैं। बैंक भी तभी उन्नति कर पाएगा जब उसके पास अच्छा लाभ कमाने वाली इकाइयों ने ऋण लिया हो। बैंकों को यह भी ख्याल रखना चाहिए कि जब व्यापार प्रतिकूल अवस्था में हो और व्यापारी को बैंक के सहयोग की सबसे ज्यादा आवश्यकता हो तब कागजी कार्यवाही के चक्कर में उलझा कर उसकी दिक्कत न बढ़ाएं।
महानगर महामंत्री राजेश जसोरिया ने कहा कि बैंक और व्यापार एक ही सिक्के के दो पहलू है। बैठक में संजीव चांदना, राकेश अग्रवाल, राजीव अग्रवाल, गिरधर देवनानी, श्याम मिठवानी आदि मौजूद रहे। संवाद