बरेली। होटल व फैक्टरी लगाने का झांसा देकर किसानों से भूमि खरीद के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने के आरोपी हरीश राना ने एसीजे कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। उसे फिलहाल अंतरिम जमानत मिल गई है।
बिथरी चैनपुर के गांव भगवतीपुर निवासी भूपेंद्र ने वर्ष 2023 में भोजीपुरा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि मीरगंज थाना क्षेत्र के मसीहाबाद निवासी महिपाल यादव और भोजीपुरा थाने के अभयपुर केशोपुर निवासी हरीश नाम बदलकर उनसे मिले थे। हरीश ने खुद को वकील बताया था। दोनों ने साथियों संग मिलकर कंपनी को जमीन बेचने का झांसा देकर 18 लाख की धोखाधड़ी कर ली थी। बाद में सभी आरोपी नंबर बंद कर लापता हो गए थे। भोजीपुरा थाने में दर्ज मुकदमे में हरीश राना वांछित चल रहा था। विवेचक संजय धीर ने जब गिरफ्तारी के लिए दबिश दी तो हरीश ने आत्मसमर्पण कर अंतरिम जमानत करा ली। इंस्पेक्टर संजय धीर ने बताया कि हरीश राना देव सिंह राना का बेटा है। ये लोग कंपनी के वकील बनकर लोगों से मिलते थे।