फीनिक्स मॉल स्थित पीवीआर सिनेमा में तीन साल की बच्ची के लिए ले जाए जा रहे बिस्कुट और कुरकुरे के पैकेट अंदर ले जाने से रोकना सिनेमा प्रबंधन को भारी पड़ गया। शिकायत की सुनवाई के बाद जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने सिनेमा लाइसेंसी/प्रबंधक पर दो हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। जुर्माने की राशि एक सप्ताह के भीतर राजकोष में जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं।
मामला 30 जून 2026 का है। महेंद्र नगर, डोहरा रोड निवासी गौरव तुली पत्नी और तीन वर्षीय बेटी के साथ फिल्म देखने पीवीआर पहुंचे थे। शिकायतकर्ता के मुताबिक बच्ची के लिए बिस्कुट और कुरकुरे के पैकेट उनकी पत्नी के बैग में रखे थे। सिनेमा परिसर में प्रवेश के दौरान सुरक्षा कर्मियों ने खाद्य सामग्री अंदर ले जाने से रोक दिया और उसे अपने पास रख लिया। शिकायत में कहा गया कि बच्ची के बार-बार अनुरोध के बावजूद कर्मचारियों ने अपेक्षित सहानुभूतिपूर्ण रवैया नहीं अपनाया।
गौरव तुली ने इस संबंध में उत्तर प्रदेश मानवाधिकार आयोग, लखनऊ में शिकायत की थी। मामले में जिला प्रशासन ने सिनेमा प्रबंधन को नोटिस जारी कर घटना पर स्पष्टीकरण के साथ संबंधित साक्ष्य उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। प्रबंधन ने 18 सितंबर को अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया, लेकिन घटना से संबंधित अपेक्षित साक्ष्य उपलब्ध नहीं करा सका।
लाइसेंस की शर्त का उल्लंघन माना
जिलाधिकारी ने उपलब्ध अभिलेखों और प्रबंधन के स्पष्टीकरण की सुनवाई के बाद पाया कि सिनेमा प्रबंधन द्वारा उत्तर प्रदेश चलचित्र (विनियमन) अधिनियम-1955 के तहत जारी लाइसेंस की शर्त संख्या-20 का उल्लंघन किया गया। आदेश में इसे अधिनियम की धारा-8 के तहत दंडनीय अपराध माना गया है। इसी आधार पर दो हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया।
एक सप्ताह में जमा करनी होगी रकम
डीएम ने सिनेमा लाइसेंसी/प्रबंधक को निर्देश दिया है कि दो हजार रुपये की अर्थदंड राशि एक सप्ताह के भीतर राजकोष में जमा कराना सुनिश्चित करें। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि कार्रवाई उपलब्ध अभिलेखों और सिनेमा प्रबंधन के प्रस्तुत स्पष्टीकरण के परीक्षण के बाद नियमानुसार की गई है।