रोहिंग्या मुसलमानों पर हो रहे जुल्म के खिलाफ सैकड़ों मुसलमानों ने एकत्र होकर म्यांमार सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। ये लोग इत्तेहादे मिल्लत कौंसिल (आईएमसी) के मुखिया मौलाना तौकीर रजा खां के नेतृत्व में इस्लामियां इंटर कॉलेज मैदान पर जुटे थे। म्यांमार में मुसलमानों का कत्ले आम बंद कराने के लिए अपने देश के राष्ट्रपति और यूएनओ सचिव को ज्ञापन प्रेषित किया।
मौलाना तौकीर ने कहा कि म्यांमार में जो कुछ हो रहा है वो इंसानियत का कत्ल है। उन्होंने कहा कि हमें हर एक के गम में शामिल होना चाहिए। हम अनन्या के गम में भी शामिल हैै और हादसे में भाई-बहन की मौत का भी गम है। हादसा अलग बात है पर साजिश रचकर कत्लेआम करना भयानक घटना है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान आतंकवाद फैलाता है वो म्यांमार के मामले में आगे क्यों नहीं आ रहा है। उन्होंने कश्मीर के नौजवानों से कहा कि जो पाकिस्तान म्यांमार के मुस्लिमों के लिए आगे नहीं आया वो तुम्हारे लिए क्या आगे आएगा।
इससे पहले खानकाह शराफतिया के प्रबंधक हाजी मुमताज मियां ने म्यांमार की घटना की निंदा की। कहा कि इसके खिलाफ भी आवाज बुलंद होना चाहिए। साथ ही वहां पीड़ितों की मदद के लिए खानकाह की शाह सकलैन एकेडमी की ओर से पांच लाख रुपये से भी अधिक का जरूरी समान ले जाने की बात भी कही। खानकाह वामिकिया निशातिया के सज्जादानशीन मौलाना सय्यद असलम मियां वामिकी ने म्यांमार के हालात पर गम और गुस्से का इजहार किया। आखिर में जमीयत उलमा के सदर मुफ्ती मोहम्मद मियां कासमी ने कहा कि ऐसे हालात में हमारा फर्ज है कि दुआओं की मजलिसों का एहतेमाम करें। संचालन पार्टी प्रवक्ता डा. नफीस खां ने किया। अंत में इस्लामिया कॉलेज मैदान के मंच पर एडीएम सिटी ओपी वर्मा, एसपी सिटी रोहित सिंह सजवाण, सिटी मजिस्ट्रेट यूपी सिंह और सीओ कुलदीप सिंह ज्ञापन लेने पहुंच। पहले यह प्रदर्शन कलेक्ट्रेट पर होना था पर यातायात व्यवस्था और सुरक्षा की दृष्टि से इसका स्थान बदल दिया गया।
एक मंच पर आए मसलक और सिलसिले
बरेली। एक-दूसरे से दूर रहने वाले मसलक, खानकाहें और सिलसिले शुक्रवार को म्यांमार में मुस्लिमों पर ज्यादती के खिलाफ प्रदर्शन में एक मंच पर दिखाई दिए। इसमें बरेलवी सुन्नी मसलक, देवबंद से जुड़े जमीयत उलमा संगठन, खानकाह शराफतिया सकलैनी सिलसिला, वामिकी सिलसिले की दरगाह आले रसूल खानकाह वामिकिया निशातिया आदि के प्रमुख लोग अपने-अपने मुरीदों और अकीदतमंदों के साथ प्रदर्शन में शामिल हुए। इसी तरह मसलकों के संगठनों का भी यही हाल रहा। इसमें हुदैबिया कमेटी के संयोजक डॉ. एसई हुदा, मुस्लिम मजलिस के जिलाध्यक्ष डॉ. सरताज हुसैन अब्बासी, मुस्लिम यूनाइटेड फ्रंट के महासचिव गुलाम गौस अपने समर्थकों के साथ प्रदर्शन में शामिल हुए। इसके अलावा पैगामे इंसानियत, जमाते इस्लामी हिंद, पैगामे हुसैन कमेटी, सर्व समाज पार्टी ने भी समर्थन दिया।
मुस्लिमों ने कारोबार रखा बंद
बरेली। आईएमसी के आह्वान पर म्यांमार के खिलाफ प्रदर्शन में शामिल होने के लिए शहर के मुसलमानों ने अपना कारोबार बंद रखा। जुमे की नमाज के बाद व्यापारी इस्लामियां पहुंचे। हालांकि, कुछ लोगों ने प्रदर्शन के बाद दुकानें खोल लीं। बंदी का असर कुतुबखाना, टाउन हाल, बड़ा बाजार, कोहाड़ापीर रोड, चौक बाजार, बांस मंडी, नावल्टी चौराहे के आसपास, किला और पुराना शहर के इलाकों में दिखाई दिया।
निंदा प्रस्ताव पारित किया
बरेली। हिंदू जागरण एकता समिति की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में म्यांमार के मुसलमानों के लिए तौकीर रजा के नेतृत्व में विरोध-प्रदर्शन के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया गया। वक्ताओं ने धारा 144 लागू होने के बाद भी हजारों की तादाद में लोगों के इकट्ठा होने के लिए पुलिस व प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया। बैठक में मनोज सक्सेना, पीसी पाल, राकेश सक्सेना आदि ने विचार व्यक्त किए।
इनका रहा सहयोग
बरेली। म्यांमार के खिलाफ हुए प्रदर्शन की व्यवस्था में आईएमसी के नदीम खां, सलीम खां, इफ्तेखार कुरैशी, तस्लीम मिर्जा, हाफिज लीलू, मुन्ना अंसारी, हाफिज शराफत, शमशाद प्रधान, अफजाल बेग, फरहान रजा खां, मुनीर इदरीसी, अफजाल खान, सलीम खान, नोमान रजा खां, शहजाद खां नियाजी, मूसा पठान, अमन साबरी आदि का सहयोग रहा।