Stop the combinations of ten drugs and their sale
- फोटो : Stop the combinations of ten drugs and their sale
दवा कंपनियों के खेल को देखते हुए केंद्र सरकार की ओर से दस दवाआें के कॉम्बिनेशन पर रोक लगा दी गई है। न ये बनेंगी और न ही इनकी बिक्री हो सकती है। डॉक्टरों की ओर से अलग-अलग तरह से इन दवाओं को लिखा जा सकता है लेकिन कंपनियां सॉल्ट मिलाकर इन्हें नहीं बना सकती हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना में इसका जिक्र किया गया है। इनके वितरण, विनिर्माण और बिक्री को तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है। अधिसूचना 8 जून 2017 को जारी की गई है।
दवा कंपनियाें ने अपने मुनाफे के लिए इन कॉम्बिनेशन को बाजार में उतारा। इन्हें पहले भी बैन किया जा चुका है। बताया जा रहा है कि डीपीसीओ से बाहर निकलने के लिए भी कंपनियां इस तरह के हथकंडे अपनाती हैं। जैसे पेट की दवा ऑफ्लोक्सासिन और मेट्रोनिडाजोल का कॉम्बिनेशन काफी पहले आ रहा था, लेकिन इस पर बैन लगाया गया। इसके बाद कंपनी ने ऑफ्लोक्सासिन और ओरनिडाजोल का कॉम्बिनेशन बाजार में उतार दिया। जबकि दोनों दवाएं डीपीसीओ में है। अब कंपनियां इस कॉम्बिनेशन को अपने मन मुताबिक दाम पर बेचती हैं। अधिसूचना में कहा गया है कि केंद्रीय सरकार द्वारा गठित इस विषय से संबंधित विशेषज्ञ समिति ने परीक्षा की तो केंद्र सरकार से सिफारिश की है कि इस तरह के कॉम्बिनेशन का कोई चिकित्सकीय औचित्य नहीं है। इसका दुरुपयोग हो सकता है। जहां एक दवा का उपयोग है, वहां कॉम्बिनेशन से और नुकसान हो सकता है।
इन कॉम्बिनेशन पर रोक
नीमेसुलाइड+ लेवोसेट्रीजिन
ऑफ्लोक्सासिन+ ओरनिडाजोल इंजेक्शन
जेमीफ्लोक्सासिन+ एमब्रोक्सोल
ग्लुकोसामाइन+ इबुप्रोफेन
इटोडोलक+ पैरासिटामॉल