बरेली। भारतीय किसान यूनियन की पंचायत में शहर और आसपास के गांवों से आए किसानों ने अवैध तरीके से प्लॉट बेचने का मुद्दा उठाते हुए इस पर रोक लगाने की मांग की।
कहा कि प्रापर्टी डीलर प्लॉट बेचने के बाद रकम लेकर चंपत हो जाते हैं। यहां निर्माण शुरू होने पर विकास प्राधिकरण की ओर से नक्शा पास न होने की बात कही जाती है। काम बंद होने से प्लॉट खरीदने वाले की रकम डूब जाती है।
आम लोग इन प्रापर्टी डीलर के जाल में फंस रहे हैं। ऐसे लोगों को बचाने के लिए बीडीए प्रचार-प्रसार कराए। सहकारी गन्ना समिति के परिसर में शुक्रवार को आयोजित पंचायत में जिलाध्यक्ष सोमवीर सिंह ने अवैध कब्जे हटाने के मामले में बीडीए के कुछ कर्मचारियों पर भेदभाव का आरोप लगाया।
कहा कि जो गांव महायोजना में शामिल हैं, वहां पर फ्लैक्सी लगवाए जाएं ताकि कोई भी ठगी का शिकार न होने पाए। जिला महासचिव चौधरी सत्येंद्र, जिला प्रवक्ता हाजी एम इकबाल, शाहिद खां, उदल सिंह ने संबोधित किया। पंचायत के बाद किसानों ने नगर मजिस्ट्रेट और अपर आयुक्त प्रशासन को अलग-अलग ज्ञापन सौंपे।
नगर मजिस्ट्रेट को दिए ज्ञापन में शंभू बार्डर से किसानों को हटाने की कार्रवाई को गलत ठहराया गया। अपर आयुक्त को दिए गए ज्ञापन में बीडीए से संबंधित मामले उठाए गए। ब्यूरो