बरेली। याचिका लगाने के बाद भी जिन जर्जर सड़कों की मरम्मत नहीं हो पाई, उनका मुद्दा आज विधान परिषद की याचिका समिति के सामने उठेगा। समिति ने बदायूं और बरेली के ऐसे ही मामलों में आख्या मांगी है। बैठक विकास भवन में सुबह 11 बजे से होगी।
विधान परिषद के सदस्य सत्यपाल सैनी याचिका समिति के सभापति हैं। समिति में उनके साथ कई अन्य सदस्य भी हैं। समिति ने दस साल की याचिकाओं का हिसाब मांगा है। इसमें आंवला विकास खंड में नैनपुर गांव से वनखंडी मंदिर तक 2.4 किलोमीटर लंबी सड़क का मामला भी है।
इस सड़क के लिए वर्ष 2022 में याचिका लगाई गई थी। लोक निर्माण विभाग ने इंटर कनेक्टिविटी योजना के अंतर्गत 2023-24 में 218.67 लाख रुपये का एस्टीमेट बनाया था। वर्ष 2024-25 में भी यही एस्टीमेट आगे बढ़ाया गया लेकिन न तो सड़क बनी और न ही गड्ढे भरे गए।
वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता न होने की बात करते हुए लोक निर्माण विभाग ने हाथ खड़े कर दिए हैं। अब इस पर सवाल हो सकता है। लिखित जवाब भी समिति के सभापति ने मांगा है। पंचायतीराज की ऑडिट और पशुपालन विभाग से जुड़े कुछ मामलों पर भी विधान परिषद की समिति सुनवाई करेगी।
इन मामलों में काम पूरा कराने का है दावा
पीडब्ल्यूडी ने प्रभातनगर रेलवे क्रॉसिंग से पीलीभीत बाइपास तक, हाफिजगंज और नवाबगंज के बीच क्षतिग्रस्त सड़क के नवीनीकरण और भुता के सिमरा केशोपुर गांव में फरीदपुर-बीसलपुर मुख्य मार्ग से बुधौली मार्ग तक सात किलोमीटर सड़क के निर्माण का दावा किया है। यह मामले भी विधान परिषद की याचिका समिति के सामने उठे थे। अगर समिति को भरोसा नहीं हुआ तो किसी भी सड़क की मौके की स्थिति देखने के लिए अध्यक्ष व सदस्य जा सकते हैं। ब्यूरो