बरेली। शहर में एक ऐसा संगठन भी है जो लावारिस शवों का अंतिम संस्कार भी करता है। बरेली विकास मंच के नाम से बना संगठन 27 साल में 6062 शवों का अंतिम संस्कार कर चुका है।
साहूकारा में सराफा की दुकान चलाने वाले अजय अग्रवाल बताते है कि वह एक बार रामगंगा पुल से होते हुए गुजर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने देखा की कुछ लोग शव को नदी में फेंक रहे है, उन्होंने रुक कर पूछा तो पता चला कि ये लावारिस शव है, इनका अंतिम संस्कार करने वाला कोई नहीं हैं। जिसमें बाद उन्होंने लावारिस शवों का विधि-विधान के साथ अंतिम संस्कार करने का संकल्प लिया और बरेली विकास मंच के नाम से संगठन बनाया। अजय इस संगठन के अध्यक्ष है।
1998 में संगठन के गठन के बाद अब तक 6062 शवों का अंतिम संस्कार व अस्थि विसर्जन कर चुके है। संगठन के बहुत से लोग उनके साथ जुडे हुए है जो अंतिम संस्कार के लिए हर माह रकम दान करते है। जिले में जब लावारिस शव मिलता है दो-तीन दिन तक उसकी पहचान नहीं हो पाती तो पुलिस बरेली विकास मंच की सहायता से ही अंतिम संस्कार कराती है। बताते है कि एक शव के अंतिम संस्कार में 2500 रुपये का खर्च आता है जिसका वहन संगठन करता है। एक माह में करीब 20-25 शवों का अंतिम संस्कार कराते है। संवाद