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जाली नोटों के सौदागर: एक करोड़ की डील के झांसे में फंसे तस्कर, नेपाल तक फैला है गैंग का नेटवर्क

Sat, 25 Feb 2023 01:42 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

बरेली में मेरठ एसटीएफ और स्थानीय पुलिस ने 26 लाख 90 हजार के नकली नोटों के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। भोजीपुरा निवासी आरोपी अफसार अली व अन्य आरोपियों की धरपकड़ व सरगना के नेटवर्क का पता करने में एसटीएफ जांच में जुटी है। 
 
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पकड़े गए तीनों तस्कर और बरामद जाली नोट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली के भोजीपुरा में जाली नोटों की खेप पकड़े जाने के बाद एसटीएफ और अन्य एजेंसियां दूसरे आरोपियों की धरपकड़ और गिरोह का नेटवर्क खंगालने में जुटी हैं। आशंका है कि पाकिस्तान या बांग्लादेश में छपाई के बाद ये जाली नोट नेपाल के रास्ते भारत में खपाए जा रहे हैं।

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फिलहाल अफसार अली व अन्य आरोपियों की धरपकड़ व सरगना के नेटवर्क का पता करना टीम के सामने चुनौती जैसा है। टीम को आरोपियों के पास से तीन तरह के नकली नोट मिले हैं। पता चला है कि शुरू में वे ग्राहक को असली नोट को ही नकली बताकर चलाने के लिए देते थे। लोग झिझकते हुए इन नोटों को लेकर बाजार जाते थे। चूंकि ये नोट असली होते थे, इसलिए दिक्कत नहीं होती थी।

एक बार विश्वास होने के बाद हजारों की डील लाखों में बदल जाती थी। यहीं से खेल शुरू होता था। पुलिस के खतरे का हवाला देकर बड़ी डील रात के अंधेरे में की जाती थी। इसमें भी गड्डी के नीचे और ऊपर असली नोट ही लगाए जाते थे। बीच में नकली नोटों को रखा जाता था। दूसरे प्रदेशों में जालसाज इस तरह की डील कर चुके थे। अब टीम को इनपुट मिला है कि ये नोट आईएसआई के नेटवर्क से संचालित हो रहे हैं। पाकिस्तान या बांग्लादेश में छपाई के बाद नेपाल के रास्ते इनको भारत में खपाये जाने की आशंका है।

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हूबहू असली जैसे लगते हैं जाली नोट

बाहर से लाए गए जाली नोट हूबहू असली जैसे लग रहे हैं। इनमें सिर्फ एक है कि अधिकांश नोटों पर नंबर एक ही होता है। नंबर बदलने के चक्कर में सौदागर डाई चेंज करने का रिस्क नहीं लेते। दूसरी श्रेणी के नोट फोटो स्कैन टाइप के हैं और तीसरी श्रेणी के नोट काफी खराब क्वालिटी के हैं। तस्कर अच्छी क्वालिटी के नोटों को एक के बदले दो की डील करते थे और खराब क्वालिटी के या फोटो स्कैन वाले नोटों की डील एक के बदले तीन की होती थी।

एक करोड़ की डील के झांसे में फंसे तस्कर

पीलीभीत में पिछले दिनों पकड़े गए सौदागरों से पूछताछ के बाद एसटीएफ व अन्य एजेंसियों को भोजीपुरा क्षेत्र से नेपाल कनेक्शन का पता लगा था। इसके बाद अफसार अली का पता लगाकर उससे फोन पर संपर्क साधा गया। शुरू में उसने इस धंधे से जुड़ाव से इन्कार कर दिया। बाद में वह झांसे में आ गया। टीम ने उसे एक करोड़ की डील का झांसा दिया था। इतनी बड़ी संख्या में उसके पास नोट नहीं थे तो उसने घटिया क्वालिटी के नोट के ऊपर असली नोट लगाकर डील करने का मन बनाया। इसीलिए एक के बदले तीन की डील की गई थी।
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ये था मामला

बृहस्पतिवार शाम मेरठ एसटीएफ के इंस्पेक्टर सुनील कुमार, बरेली एसटीएफ के सीओ अब्दुल कादिर ने 26 लाख 90 हजार के नकली नोटों के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। भोजीपुरा थाने में इन पर रिपोर्ट कराई थी। इनमें से आरोपी सद्दाम भोजीपुरा के भैरपुरा खजुरिया का निवासी है। हरवंश और गुरनाम पीलीभीत के हजारा थाने के टिल्ला नंबर चार के निवासी हैं, जो नेपाल सीमा से सटा है। टीम ने सद्दाम के पिता अफसार अली, टिल्ला नंबर चार के प्रकाश, भैरपुरा के सचिन और नेपाल के सुरेश को मौके से फरार दिखाया है।

बरेली रेंज के आईजी डॉ. राकेश कुमार सिंह ने बताया कि पीलीभीत व अन्य स्थानों पर पहले नकली नोटों के मामले पकड़े गए थे, भोजीपुरा में भी बड़ी डील पकड़ी गई है। अक्सर इस तरह की गतिविधियों का जुड़ाव आईएसआई से मिलता है जो पाकिस्तान या बांग्लादेश से नेपाल के जरिये जाली नोट देश में भेजने का कुचक्र रचती है। संयुक्त टीमें इस नेटवर्क को ध्वस्त करने का काम कर रही है। पीलीभीत से सटे सीमा क्षेत्र में भी चौकसी बढ़ाई गई है। 
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