85 साल के शख्स की उम्र दिखाते थे 48, मौत के बाद हड़प लेते थे राशि
प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना में 18 से 50 वर्ष के बीच लोगों का बीमा बैंक स्तर पर ही करने का नियम है। इसमें सालाना प्रीमियम करीब 434 रुपये खाते से ही कट जाता है। इस अवधि में खाता धारक की मौत होने पर दो लाख रुपये की मदद उसके आश्रित को मिलती है।
ये शातिर लोग बुजुर्गों का फर्जी आधार कार्ड बनाकर उनकी उम्र कम दिखाकर बीमा करते थे। उनकी मौत होने के बाद लाखों रुपये का क्लेम लेकर रकम हड़प लेते थे। कई फाइल ऐसी मिलीं जिसमें मृत्यु से कुछ दिन पूर्व ही बीमा कराया गया था। शक होने पर भुगतान रोककर इन फाइलों की जांच शुरू की गई। 80 से 85 वर्ष के वृद्धों की उम्र करीब 48 साल दिखाकर बीमा किए गए थे।
सर्वेयर लेते थे 30 हजार रुपये
फर्जी बीमा करने वाले राहुल, जगदीश, नरेंद्र, सुरेंद्र और बंटी क्षेत्र में मरणासन्न बुजुर्गों का बीमा फार्म भरवाते थे। संदीप, योगेश और प्रभाकर त्रिपाठी सर्वेयर का काम करते थे। यह लोग हर केस करने में तीस हजार रुपये तक लेते थे। प्रभाकर त्रिपाठी लोगों को गुमराह करने के लिए अपना नाम अनिल बताता था। इन लोगों के अन्य साथियों की तलाश की जा रही है। इन लोगों ने और कितने फर्जी बीमे किए हैं, इसका डाटा जुटाया जा रहा है।
काफी समय से इस गिरोह की गतिविधियों पर नजर थी। फिलहाल आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनसे पूछताछ की जा रही है, नए खुलासों के साथ नए आरोपी सामने आ सकते हैं। - अब्दुल कादिर, एएसपी एसटीएफ