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Bareilly News: बुजुर्गों को जवान दिखाकर कराते थे बीमा, फिर हड़प लेते थे क्लेम, आठ जालसाज गिरफ्तार

Sat, 14 Jun 2025 06:41 AM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

फर्जी आधार कार्ड व अन्य प्रमाणपत्र बनाकर बुजुर्गों की आयु कम दिखाकर बीमा कंपनी से क्लेम लेने वाले गिरोह के आठ सदस्यों को यूपी एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के खिलाफ भोजीपुरा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। 
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पकड़े गए आरोपी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली में एसटीएफ टीम को शुक्रवार को बड़ी सफलता हाथ लगी। एसटीएफ ने प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के तहत फर्जी बीमा कर लाखों रुपये का क्लेम हड़पने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। टीम ने आठ लोगों को गिरफ्तार कर भोजीपुरा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। काफी दिनों से गलत तरीके से बीमा करवाकर क्लेम हड़पने वाले गिरोह के बारे में सूचनाएं मिल रहीं थीं। 

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शुक्रवार को बरेली एसटीएफ के एएसपी अब्दुल कादिर को सूचना मिली कि जीवन ज्योति योजना के तहत फर्जी बीमा करने वाले गिरोह के सदस्य भोजीपुरा क्षेत्र में नैनीताल हाईवे पर हैं। टीम ने मौके पर पहुंचकर आठ लोगों को पकड़ लिया। टीम इन्हें भोजीपुरा थाने ले आई। आरोपियों में भोजीपुरा थाना क्षेत्र के कंचनपुर निवासी राहुल गिहार, पीपलसाना चौधरी निवासी जगदीश, बंटी, नरेंद्र उर्फ नंदू, मॉडर्न विलेज निवासी सुरेंद्र गंगवार, दियोरिया निवासी बासिद, सुभाषनगर के मोहल्ला अशोकनगर निवासी संदीप और इज्जतनगर ऐरो सिटी निवासी प्रभाकर त्रिपाठी शामिल थे। 

जबकि, एक आरोपी योगेश अभी पुलिस गिरफ्त से बाहर है। उसकी तलाश की जा रही है। पकड़े गए लोगों के पास से टीम को 14 क्लेम फार्म, 23 मूल आधार कार्ड, 33 बैंक पासबुक, 6 पैनकार्ड, 66 ग्राम प्रधान द्वारा हस्ताक्षर किए निवास संबंधी प्रमाणपत्र, 12 मोबाइल, 85 डाक टिकट, 3300 रुपये नकद बरामद किए हैं।

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85 साल के शख्स की उम्र दिखाते थे 48, मौत के बाद हड़प लेते थे राशि
प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना में 18 से 50 वर्ष के बीच लोगों का बीमा बैंक स्तर पर ही करने का नियम है। इसमें सालाना प्रीमियम करीब 434 रुपये खाते से ही कट जाता है। इस अवधि में खाता धारक की मौत होने पर दो लाख रुपये की मदद उसके आश्रित को मिलती है।

ये शातिर लोग बुजुर्गों का फर्जी आधार कार्ड बनाकर उनकी उम्र कम दिखाकर बीमा करते थे। उनकी मौत होने के बाद लाखों रुपये का क्लेम लेकर रकम हड़प लेते थे। कई फाइल ऐसी मिलीं जिसमें मृत्यु से कुछ दिन पूर्व ही बीमा कराया गया था। शक होने पर भुगतान रोककर इन फाइलों की जांच शुरू की गई। 80 से 85 वर्ष के वृद्धों की उम्र करीब 48 साल दिखाकर बीमा किए गए थे।

सर्वेयर लेते थे 30 हजार रुपये
फर्जी बीमा करने वाले राहुल, जगदीश, नरेंद्र, सुरेंद्र और बंटी क्षेत्र में मरणासन्न बुजुर्गों का बीमा फार्म भरवाते थे। संदीप, योगेश और प्रभाकर त्रिपाठी सर्वेयर का काम करते थे। यह लोग हर केस करने में तीस हजार रुपये तक लेते थे। प्रभाकर त्रिपाठी लोगों को गुमराह करने के लिए अपना नाम अनिल बताता था। इन लोगों के अन्य साथियों की तलाश की जा रही है। इन लोगों ने और कितने फर्जी बीमे किए हैं, इसका डाटा जुटाया जा रहा है।

बासिद और फहीम बनाते थे फर्जी आधार कार्ड
भोजीपुरा दियोरिया निवासी बासिद और उसके गांव का फहीम उर्फ गुड्डू ऐसे बुजुर्ग लोगों के आधार कार्ड बनाते थे, जिनकी मृत्यु होने वाली होती थी। दोनों लोग बुजुर्ग लोगों का फर्जी आधार बनाकर उनकी उम्र 48 वर्ष कर देते थे। जब बुजुर्ग की मौत हो जाती थी तो क्लेम की रकम का बंदरबांट हो जाता था। कई बार ये लोग मृतक के परिजन नॉमिनी की चेकबुक व हस्ताक्षर लेकर रख लेते थे और बैंक कर्मियों की मिलीभगत से रकम निकाल लेते थे।

कई बार नॉमिनी को कुछ रकम दे देते थे और कई बार उसे क्लेम मिलने का अहसास ही नहीं होता था। यह लोग फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र, परिवार रजिस्टर की नकल भी बनाते थे। बासिद और फहीम ने किन-किन लोगों के फर्जी आधार कार्ड और कूटरचित मृत्यु प्रमाणपत्र और परिवार रजिस्टर की नकल बनाई इसकी तस्दीक की जा रही है।
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काफी समय से इस गिरोह की गतिविधियों पर नजर थी। फिलहाल आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनसे पूछताछ की जा रही है, नए खुलासों के साथ नए आरोपी सामने आ सकते हैं। - अब्दुल कादिर, एएसपी एसटीएफ

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