टूटे फर्श पर बने स्पोर्ट्स स्टेडियम के हाईटेक जिम के लिए जिला प्रशासन ने एक हजार रुपये फीस पर मुहर लगा दी है। यह बात अलग है कि यहां आपको हाईटेक उपकरणों के अलावा बाकी सुविधाएं नहीं मिल पाएंगी। भवन का फर्श धंस चुका है। उपकरण भी पिछले एक साल से धूल फांक रहे थे जिन्हें अब इस्तेमाल किया जाएगा। जिम्नास्टिक के कोच यहां ट्रेनर के रूप में रहेंगे।
जिम में करीब 72 लाख की लागत के हाइटेक उपकरण हैं जिसमेें ट्रेड मिल भी शामिल हैं जो यह भी बताएगी कि आपने कितनी कैलोरी बर्न की और आपकी हार्ट बीट क्या रही। पिछले साल उद्घाटन कर जिम को बंद कर दिया गया था। इस तरह का हाईटेक जिम प्रदेश के तीन शहरों में ही है। स्टेडियम प्रशासन अब तक जिम चलाने के लिए शासन के निर्देशों का इंतजार कर रहा था लेकिन निर्देश नहीं आए। इस बार एक हजार रुपये फीस का प्रस्ताव जिला प्रशासन को भेजा गया। इसमें पांच सौ रुपये स्टेडियम और इतने ही प्रोत्साहन समिति की राशि तय हुई। मेरठ स्पोर्ट्स स्टेडियम से सुझाव लेने के बाद यह फीस तय की गई। हालांकि जिस भवन में जिम है उसके बदहाल फर्श में मशीनें तक धंस चुकी है। एक साल से जिम बंद पड़ा है। आरएसओ लक्ष्मी शंकर सिंह ने बताया कि जिला प्रशासन ने एक हजार रुपये फीस पर सहमति दे दी है। कार्ड बनाने की प्रक्रिया शनिवार से शुरू हो जाएगी।
विवि के जिम की फीस पांच सौ रुपये
रुहेलखंड विश्वविद्यालय ही हाइटेक जिम की फीस पांच सौ रुपये है। छात्रों से 1700 सौ रुपये और कर्मचारियों के लिए दो हजार रुपये सालाना फीस ली जाती है। प्राइवेट जिम की बात करें तो डीडीपुरम के जिम में भी आठ सौ रुपये सालाना फीस ली जाती है। इस हिसाब से स्टेडियम का जिम काफी महंगा पड़ेगा।