बरेली। विद्यालयों में खेलकूद को बढ़ावा देने और नई प्रतिभाओं की तलाश के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने शैक्षिक सत्र 2025-26 की स्कूली खेल प्रतियोगिताओं का कैलेंडर जारी कर दिया है। विभाग की ओर से तीरंदाजी, शूटिंग, तैराकी, मलखम्भ, कुराश जैसे कुल 27 खेलों को शामिल किया गया है, मगर इन खेलों को सिखाने के लिए स्कूलों के पास न तो प्रशिक्षित प्रशिक्षक (द्रोणाचार्य) हैं और न ही मैदान और आवश्यक खेल उपकरण भी मौजूद नहीं है।
प्रतियोगिता में तीरंदाजी, कराटे, शूटिंग, तैराकी, जिम्नास्टिक, हैंडबॉल, बैडमिंटन, टेबल-टेनिस, फुटबॉल, कुश्ती, जूडो, बास्केटबॉल, मलखम्भ, हॉकी, वालीबॉल, बॉक्सिंग, कुराश, सेपक-टाकरा, थांगता, योगासन, शतरंज, कबड्डी, क्रिकेट, खो-खो, ताइक्वांडो और एथलेटिक्स के खेल शामिल हैं। इन सभी खेलों में बालक और बालिका वर्गों के लिए अलग-अलग टीमें बनाई जाएंगी। खिलाड़ियों का चयन प्राथमिक, जूनियर और सीनियर आयु वर्ग के अनुसार किया जाएगा। प्राथमिक वर्ग में 31 दिसंबर 2014 के बाद जन्मे विद्यार्थी भाग ले सकेंगे, जबकि जूनियर वर्ग के लिए 31 दिसंबर 2011 से पहले जन्मे खिलाड़ियों का चयन होगा। दूसरी ओर आलम यह है कि कई बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में तो खेलने के लिए पर्याप्त मैदान तक नहीं हैं। ऐसे में जब स्कूलों के पास बुनियादी ढांचा, प्रशिक्षक और उपकरण नहीं हैं, तो इतनी विस्तृत खेल प्रतियोगिताएं आयोजित करने का उद्देश्य पूरा होना नामुमकिन है। कैलेंडर के अनुसार प्रतियोगिताओं का आयोजन विद्यालय, संकुल, ब्लॉक और जिला स्तर पर होना है, जिसमें बालक और बालिका वर्ग के लिए प्राथमिक, जूनियर और सीनियर आयु वर्ग के खिलाड़ी चुने जाएंगे।
वर्जन
बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ खेल में भी भविष्य बनाने के लिए तैयार किया जाना ही इस कार्यक्रम का उद्देश्य है। विभाग की ओर से जारी हुए कार्यक्रम के अनुसार सारे खेल कराएं जाएंगे। इसके लिए स्थानों को भी चुन लिया गया है। हमारा प्रयास है कि सभी को बेहतर सुविधा दी जांए। - संजय सिंह, बीएसए