बरेली। टॉप-5 घोटालेबाज पंचायत सचिवों के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई की तैयारी है। डीएम ने उनकी फाइलें तलब की हैं। ऑडिट टीम ने उनके विरुद्ध चार करोड़ रुपये की रिकवरी प्रस्तावित कर रखी है। इन पंचायत सचिवों में सूरज पाल सिंह, कुलदीप पांडेय, नरेश दिवाकर, विपिन पांडेय और विपिन सक्सेना शामिल हैं। डीपीआरओ कमल किशोर ने बताया कि वीडीओ सूरज पाल सिंह और नरेश दिवाकर अन्य मामले में दो दिन पहले ही निलंबित हुए हैं।
सचिवों के घोटाले उजागर होने के बाद भी इन पर कार्रवाई न होने के मामले को अमर उजाला ने शनिवार के अंक में सार्वजनिक किया तो डीएम अविनाश सिंह ने डीपीआरओ को उनकी फाइलें कार्रवाई के लिए प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। डीपीआरओ कमल किशोर ने बताया कि वर्ष 2016-17, 2017-18 और 2018-19 में ग्राम पंचायतों में हुए ऑडिट में पकड़े गए घोटाले में आरोपी सभी पांच सचिवों के विरुद्ध डीएम ने कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। जल्द सभी बिंदुओं को शामिल करते हुए कार्रवाई के लिए रिपोर्ट डीएम को प्रस्तुत करेंगे। निलंबित दोनों वीडीओ सूरज पाल सिंह व नरेश दिवाकर के आरोपपत्र में ऑडिट में पाए गए गबन के मामले को भी शामिल किया जा रहा है।
बीडीओ रामनगर अमन कुमार वर्मा ने बताया कि ग्राम विकास अधिकारी सूरज पाल सिंह के विरुद्ध उन्होंने 28 अक्तूबर को ही आंवला थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। 25 अक्तूबर को वायरल हुए वीडियो में सूरज पाल सिंह एक महिला से रुपये लेते दिख रहा है। जांच में पाया है कि सूरज पाल सिंह ने पलथा गांव की गुड़िया से आवास देने के नाम पर 2,000 रुपये घूस ली है। डीडीओ ने 29 अक्तूबर को उसे निलंबित किया है। भुता ब्लॉक के बीडीओ सुखपाल सिंह ने बताया कि डीडीओ ने नरेश दिवकार को हरेली अल्लीपुर ग्राम पंचायत में गोशाला में मिट्टी अधिक निकलवाने के आरोप में निलंबित किया है।