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दो स्टेडियम बनाने के प्रस्ताव शासन से मंजूर नहीं हुए

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बरेली। मोदी सरकार ने पांच साल पहले ‘राजीव गांधी खेल योजना’ का नाम बदलकर ‘खेलो इंडिया’ किया। तब उम्मीद बंधी थी कि इसमें कुछ ऐसा नया होगा, जिससे ग्रामीण इलाकों में खेल की नई प्रतिभाएं निखारने में मदद मिलेगी और नए खिलाड़ी तैयार होंगे। फिलहाल तो पांच साल का कार्यकाल बीत गया, लेकिन न तो एक भी स्टेडियम का प्रस्ताव शासन में मंजूर हुआ और न कोई नया खिलाड़ी तैयार हो पाया।
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‘खेलो इंडिया’ के अंतर्गत युवा कल्याण विभाग की ओर से सिमरा बोरीपुर में मल्टी परपज हाल और रजपुरी नबादा में तीन एकड़ जमीन में स्टेडियम विकसित करने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। इसकी अनुमानित लागत 10 करोड़ थी। फिलहाल, यह प्रस्ताव शासन से मंजूर नहीं हो पाया और न ही इस बारे में शासन से कोई जवाब मिला। इससे दोनों गांवों में स्टेडियम बनाने का सपना पूरा नहीं हो सका। अब यहां रोजाना प्रक्टिस करने वाले खिलाड़ी निराश हैं। सिमरा बोरीपुर में काफी पुराना स्टेडियम पहले से ही मौजूद है, लेकिन उसका नवीनीकरण नहीं हो पा रहा।

‘खेलो इंडिया’ में पिछले दो साल में कोई भी प्रस्ताव शासन से मंजूर नहीं हो पाया। इसलिए हम किसी भी गांव में स्टेडियम और मल्टीपरपज हाल विकसित नहीं कर पाए। विवेक श्रीवास्तव, डिप्टी डायरेक्टर युवा कल्याण विभाग
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