फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सपा ने छीन ली वीरेंद्र सिंह की कुर्सी

Sun, 31 Jul 2016 12:59 AM IST
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
विज्ञापन
डीबीसी
विज्ञापन
ढाई महीने पहले सपा छोड़कर बसपा में शामिल हुए जिला सहकारी बैंक (डीसीबी) के चेयरमैन वीरेंद्र सिंह गंगवार की कुर्सी आखिरकार छिन ही गई। बैंक संचालक मंडल के अविश्वास प्रस्ताव पर हुए मतदान में वीरेंद्र सिंह को मात्र तीन वोट मिले जबकि प्रस्ताव के पक्ष में 10 वोट पड़े। मतदान के बाद सपा जिलाध्यक्ष वीरपाल सिंह यादव के करीब माने जाने वाले संचालक मंडल के उपाध्यक्ष मलखान सिंह यादव को चेयरमैन का चार्ज सौंपा गया है। अगला मतदान न होने तक मलखान सिंह बैंक के चेयरमैन रहेंगे। 
विज्ञापन

जिला सहकारी बैंक के संचालक मंडल के सदस्यों के अविश्वास प्रस्ताव के नोटिस पर फरीदपुर एसडीएम पुष्पा देवरार को मतदान अधिकारी बनाया गया था। बैंक मुख्यालय में शनिवार पूर्वाह्न 11 बजे मतदान अधिकारी  ने अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान प्रारंभ कराया। 11.30 बजे तक संचालक मंडल के 13 सदस्यों ने मतदान की प्रक्रिया पूरी की। मतदान के तुरंत बाद हुई मतगणना में वीरेंद्र सिंह के पक्ष में तीन और अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में 10 मत पड़ने की घोषणा की गई। प्रस्ताव पारित होते ही वीरेंद्र सिंह मतगणना स्थल से तुरंत बाहर आए और कार में बैठकर रवाना हो गए। मतदान अधिकारी ने वीरेंद्र सिंह के स्थान पर उपाध्यक्ष मलखान सिंह यादव को चेयरमैन का चार्ज सौंपा।  निर्वाचन आयोग से अगली तारीख घोषित होने पर चेयरमैन का चुनाव कराया जाएगा। मतदान के दौरान पूर्व मंत्री भगवतसरन गंगवार, वीरपाल सिंह यादव, पूर्व विधायक महिपाल सिंह, जफरबेग, संजीव यादव समेत तमाम सपा नेता बैंक मुख्यालय के बाहर मौजूद रहे। मलखान सिंह के बाहर निकलते ही सपाइयों ने जीत का जश्न मनाया।   
बैंक संचालक मंडल के सदस्यों के मतदान की स्थिति
अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में वोट देने वाले सदस्य - रामभाग सिंह यादव, आदित्य यादव, प्रेमवती यादव, मलखान सिंह यादव, चौधरी छत्रपाल सिंह, चौधरी सुखवीर सिंह, सुनील वर्मा, वीरेंद्र कुमार शर्मा, धीरेंद्र सिंह यादव और विवेक सागर। 
विज्ञापन

चेयरमैन वीरेंद्र सिंह के पक्ष में वोट देने वाले सदस्य- वीरेंद्र सिंह गंगवार, कुसुमलता और वीरबहादुर पटेल। 
 
डीसीबी चेयरमैन की खबर का जोड़ 

कोड--
सपा नेता पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर अविश्वास प्रस्ताव लाए। इसमें दो चौधरियों ने मुझे धोखा दे दिया। चेयरमैन पद पर मेरी हार का जवाब छह महीने बाद नवाबगंज की जनता देगी। --- वीरेंद्र सिंह गंगवार, पूर्व चेयरमैन डीसीबी 

कोड--- 
अगर जिलाध्यक्ष वीरपाल सिंह यादव मेरी बात मानते तो वीरेंद्र सिंह डीसीबी के चेयरमैन ही नहीं बनते। नवाबगंज की जनता ने तो उनको डेलीगेट तक नहीं बनने दिया था। अगर जनता साथ थी तो डेलीगेट ही बन गए होते-  भगवतसरन गंगवार, विधायक नवाबगंज 

‘वीरेंद्र सिंह में अगर जरा भी नैतिकता होती तो वह सपा से बसपा ज्वाइन करते ही सहकारी बैंक के चेयरमैन पद से इस्तीफा दे देते। मगर उन्होंने ऐसा नहीं किया तो हम सबको मिलकर उनको हटाने के लिए इतनी मेहनत करनी पड़ी।’ वीरपाल सिंह यादव, जिलाध्यक्ष सपा 
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें