टैक्स वसूली बढ़ाने के लिए नगर निगम निजी बैंक से अनुबंध करने जा रहा है। इसमें गृह, जल और सीवर करदाता नगर निगम से अपना बिल लेकर बैंक की नजदीकी शाखा में अपना टैक्स जमा कर सकेंगे। नगर निगम ने ये पहल शहर के अलग-अलग जोन में ऑफिस न होने की वजह से की है। बैंक से अनुबंध के लिए बातचीत अभी चल रही है। उम्मीद जताई जा रही है कि अगले महीने में अनुबंध की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
नगर निगम ने कर वसूली बढ़ाने के लिए दो साल पहले शहर में प्राइवेट एजेंसी से आउटसोर्सिंग सर्वे कराया था। इसमें एजेंसी के कर्मचारियों ने 65 हजार से ज्यादा नए करदाता चिह्नित किए थे। इससे करदाताओं की संख्या 85 हजार से बढ़कर डेढ़ लाख से ऊपर पहुंच गई लेकिन इन कर वसूली अपेक्षानुरूप नहीं बढ़ी। वित्तीय वर्ष 2016-17 में के चार महीनों में मात्र 13 हजार करदाताओं ने ही टैक्स जमा किया है। अब तक मात्र नौ करोड़ की कर वसूली ही हो पाई है। शहर को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए टैक्स बढ़ोत्तरी बढ़ाने की शर्त है। इसके लिए चिंतित नगर निगम ने निजी क्षेत्र की बड़ी बैंक से अनुबंध करने की योजना बनाई है।
‘नगर निगम में टैक्स जमा करने के लिए करदाताओं को दूर से आना पड़ता है। फिर वह लंबी लाइन में लगते हैं। बैंक से अनुबंध होने पर उनको नजदीकी शाखा में टैक्स जमा करने की सुविधा होगी और लंबी लाइन में लगने की परेशानी से भी बचेंगे। अनुबंध की प्रक्रिया चल रही है।’ ईश शक्ति कुमार सिंह, अपर नगर आयुक्त