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सपा के पांच प्रत्याशियों का टिकट खतरे में

Sat, 06 Aug 2016 01:11 AM IST
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
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 वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव की तैयारी कर रहे समाजवादी पार्टी के पांच प्रत्याशियों का टिकट खतरे में है। पिछले माह कराए गए पार्टी के आंतरिक सर्वे में इन प्रत्याशियों की संभावनाओं पर सवाल उठाए गए हैं। माना जा रहा है  इन प्रत्याशियों के टिकट काटकर सपा हाईकमान कुछ युवा और नए चेहरों पर दांव लगा सकता है। 
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 मुख्यमंत्री और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव ने हरदोई और शाहजहांपुर के दो विधान परिषद सदस्य भेजकर आंतरिक सर्वे कराया था। इसका उद्देश्य जनता के बीच में प्रत्याशियों की छवि, पार्टी के कार्यक्रमों में उनकी सक्रियता, संगठन में पकड़ और विपक्षी प्रत्याशियों की स्थिति का आकलन करना था। अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक  सर्वे में हाईकमान के समक्ष जो रिपोर्ट पहुंची है, उसमें पांच विधानसभा क्षेत्रों में वर्तमान प्रत्याशियों को बदलने लायक स्थितियां पाई गई हैं। शहर सीट से घोषित पार्टी प्रत्याशी शेरअली जाफरी का कमजोर सीट बताकर खुद चुनाव लड़ने से इनकार करने का असर कैंट विधानसभा पर भी पड़ा। सपा के अन्य दावेदार अंदरखाने कैंट सीट से घोषित प्रत्याशी इस्लाम बब्बू को भी कमजोर बताकर टिकट बदलने की मांग करने लगे। मीरगंज से पिछली बार एमएलए का चुनाव लड़कर बसपा से हारे प्रत्याशी जाहिद हुसैन गुड्डू को दोबारा टिकट तो मिल गया लेकिन कांग्रेस से यहां मुस्लिम प्रत्याशी उतारे जाने की चर्चा से सपा के खेमे में हलचल है। आंवला में पूर्व विधायक रह चुके महिपाल सिंह अपने पहले प्रयास में ही टिकट पाने में कामयाब रहे लेकिन पीके की टीम यहां कांग्रेस से मुस्लिम प्रत्याशी पर दांव आजमाना चाहती है। ऐसी स्थिति में सपा आंवला से पूर्व सांसद सर्वराज सिंह के बेटे पर दांव लगा सकती है। बताया जा रहा कि ऐसा करने से बिथरी में वीरपाल सिंह को सर्वराज का साथ मिलने से ठाकुर वोटों का फायदा होने की उम्मीद है। फरीदपुर में सपा के बुजुर्ग विधायक सियाराम सागर की सक्रियता कम हुई है। वह अपने बेटे को मैदान में उतारना चाहते हैं। सूत्रों के अनुसार सर्वे टीम नेे विपक्षियों के मुकाबले उन्हें उपयुक्त नहीं पाया है।  पार्टी हाईकमान इस सर्वे पर विचार कर रहा है और पूरी तरह पड़ताल और दूसरे नेताओं से फीड बैक लेने के  बाद ही इन टिकटों में बदलाव का फैसला होगा। 

‘विधानसभा प्रत्याशियों के टिकट बरकरार रखने या बदलने का मामला पार्टी हाईकमान से संबंधित है। हम इस बारे में टिप्पणी करने की स्थिति में नहीं हैं। हाईकमान जिसे चाहेगा, उसे लड़ायेगा।’ वीरपाल सिंह यादव, जिलाध्यक्ष सपा 
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