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यहां तो सूदखोरों की मुद्रा योजना चल रही है!

Sat, 06 Aug 2016 01:07 AM IST
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
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गरीबों को रोजगार के लिए प्रधानमंत्री मुद्रा योजना जरूर लागू हो गई है लेकिन बरेली में तो गली - मुहल्लों में सूदखोरों की अपनी मुद्रा योजना उन्हीं के अंदाज में चल रही है। ये सूदखोर मलिन बस्तियों की महिलाओं के समूह बनाकर कर्जा दे रहे हैं। उनमें से एक को टीम लीडर बनाकर पूरे समूह से हर महीने ब्याज सहित वसूली की जिम्मेदारी सौंप रखी है। समय से ब्याज न देने पर ज्यादा रुपये  लिए जाए है। बेइज्जती अलग से झेलनी पड़ती है। ऐसी कई शिकायतें पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों से हुई लेकिन सुनवाई नहीं हुई। ज्यादा दबाव बना तो कार्रवाई करने के बजाय थानों में समझौते करा दिए।
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जरी - जरदोजी, पतंग, मांझा तथा छोटे मोटे काम करने के लिए परिवारों को कर्जे की जरूरत होती है। इन जरूरतमंदों को बैंक कर्जा नहीं दे रहीं हैं।  सूदखोर पुरुषों के स्थान पर उनके परिवार की महिलाओं को कर्जा देते हैं। उनसे एक हजार रुपये के कर्जे पर मूल धन की वापसी तक 25 रुपये रोज का ब्याज लिया जाता है। मोहल्ले में 10-10 महिलाओं का समूह बनाते हैं, उन्हीं में एक को लीडर बनाकर वसूली की जिम्मेदारी सौंपी जाती है। लीडर महिला अपने यहां कर्जदार महिलाओं की बैठक करके वसूली कराती हैं।
 
यहां होती हैं वसूली को बैठकें
शहर के सनैया, बाकरगंज, शहदाना, सुभाषनगर, स्वालेनगर, काकर टोला, रोहली टोला, बहमनपुरी, बिहारीपुर, कटपुंया, कोहड़ापीर, बानखाना, ठिरिया निजावत खां, मोहनपुर, कंजादासपुर, करमपुर चौधरी, किला सहित दो दर्जन मोहल्लों में  जरी जरदोजी, चौघरी तालाब आदि। 
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ये हैं पीड़ित परिवार
सनैया स्थित कांशीरामनगर कालोनी की नाजरीन छह महीने पहले पति नसरत को रोजगार दिलाने के लिए समूह में शामिल हुईं। उनके साथ नन्ही देवी, जीनी, मिथलेश गंगवारव कमला देवी भी शामिल थीं। छह सप्ताह तक किश्तों मूलधन और ब्याज अदा करके समूह से अलग हो गई। उनसे ढ़ाई हजार रुपये और मांगे, यह रकम नहीं दी तो बेइज्जत किया और झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी। इस मामले की एसएसपी से शिकायत की तो थाना सीबीगंज की पुलिस ने समझौता कराया, इसमें भी पुलिस ने सूदखोर का पक्ष लिया।

जिले में 950 साहूकारी लाइसेंस
प्राइवेट स्तर पर साहूकारी के जिले में 950 लाइसेंस हैं। इन लाइसेंसों के आधार पर प्राइवेट लोग डेढ़ फीसदी की मासिक ब्याज पर कर्जा दे सकते हैं। सालाना 18 फीसदी ब्याज पर कर्र्जा देने का प्रावधान है।  यहां  85 फीसदी साहूकारी के लाइसेस सराफ के पास हैं जो कि गांठ गिरवी रखने का काम करते हैं।

‘पिछले कुछ दिनों से सूदखोरी की शिकायतें मिल रहीं हैं, इस तरह की शिकायतों में पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। पैसे के लेनदेन का मामला होने के कारण कई मामलों में दोनों पक्षों ने थाने में समझौते भी किए हैं।’ 
- आरके भारद्वाज, एसएसपी

कर्जा न देने वाले बैंकों की जांच होगी
‘बरेली में जरूरतमंदों को कर्जा न देने की शिकायतें मिली हैं। दो साल से इस तरह के मामलों की जांच के लिए लिखा जा रहा है। जिनके आधार पर विजया बैंक सहित कई बैंकों के शाखा प्रबंधकों के खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है, जांच की जा रही है।’  
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-संतोष गंगवार, केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री
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