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बरेली: सपा नेता धरने पर बैठे, किसानों की मांगों पर सुनवाई न होने पर जताई नाराजगी, कमिश्नर को सौंपा ज्ञापन

Fri, 08 May 2026 02:27 PM IST
Vijay Singh Pundir अमर उजाला नेटवर्क, बरेली

सार

नवाबगंज क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों की विभिन्न समस्याओं को लेकर सपा नेता भगवत सरन गंगवार ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन कमिश्नर को सौंपा। इससे पूर्व चौकी चौराहा स्थित गांधी पार्क में प्रतिमा के नीचे बैठकर शांतिपूर्व धरना दिया।
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सपा नेता भगवत सरन गंगवार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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किसानों के गन्ना बकाया भुगतान और समस्या समाधान के लिए एसडीएम नवाबगंज को दिए ज्ञापन पर सुनवाई न होने से नाराज सपा नेता भगवत सरन गंगवार सांकेतिक धरने पर बैठे।

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नवाबगंज क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों की विभिन्न समस्याओं को लेकर सपा नेता भगवत सरन गंगवार ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन कमिश्नर को सौंपा। इससे पूर्व चौकी चौराहा स्थित गांधी पार्क में प्रतिमा के नीचे बैठकर शांतिपूर्व धरना दिया। उनके साथ धरने पर योगेश यादव, संजीव यादव, महिपाल सिंह यादव, अरविंद आयादव, शिवचरण कश्यप, आदेश यादव गुड्डू व अन्य लोग मौजूद रहे। ज्ञापन में गन्ना किसानों के बकाया भुगतान, बंद पड़ी चीनी मिल को दोबारा शुरू कराने, आवारा पशुओं की समस्या, राशन व्यवस्था में भ्रष्टाचार और स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली समेत कई मुद्दे उठाए गए।

ज्ञापन में कहा गया कि नवाबगंज और आसपास के गन्ना किसानों का पिछले कई सत्रों का करोड़ों रुपये भुगतान अभी तक लंबित है। किसानों ने मेहनत से तैयार फसल चीनी मिलों को आपूर्ति की, लेकिन भुगतान न मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति खराब हो चुकी है। किसान अगली फसल की बुआई, बच्चों की पढ़ाई और इलाज जैसी जरूरी जरूरतें पूरी करने में भी कठिनाई महसूस कर रहे हैं। ज्ञापन के अनुसार ओसवाल ओवरसीज लिमिटेड, नवाबगंज गन्ना मिल पर किसानों का करीब 72 करोड़ रुपये तथा बहेड़ी चीनी मिल पर लगभग 138 करोड़ रुपये बकाया है। नवाबगंज चीनी मिल बंद होने से किसानों में चिंता बढ़ गई है। किसानों ने मिल को दोबारा संचालित कराने और बकाया भुगतान जल्द दिलाने की मांग की है।
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ग्रामीण क्षेत्रों में आवारा पशुओं की समस्या भी प्रमुखता से उठाई गई। कहा गया कि पशु किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। किसान रात-दिन खेतों की रखवाली करने को मजबूर हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य पर भी असर पड़ रहा है। सड़कों पर पशुओं के जमावड़े से दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है। रसोई गैस आपूर्ति व्यवस्था को लेकर भी नाराजगी जताई गई। ज्ञापन में कहा गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में गैस सिलेंडर की सप्लाई 45 दिन में होने से उपभोक्ताओं को परेशानी झेलनी पड़ रही है। शहर और कस्बों में होटल व दुकानों को भी गैस संकट का सामना करना पड़ रहा है।

राशन वितरण प्रणाली में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा गया कि कोटेदारों से अवैध वसूली की जा रही है और गरीबों पर जबरन अन्य सामान थोपे जा रहे हैं। राशन कार्ड बनवाने और कटवाने में भी भ्रष्टाचार होने की शिकायत की गई।

इसके अलावा पेयजल योजना के तहत पाइपलाइन डालने के लिए खोदी गई सड़कों की मरम्मत, भदपुरा डिग्री कॉलेज में शिक्षकों की नियुक्ति, सरकारी आवास स्वीकृति में पारदर्शिता, बाजारों में दुकानदारों से हो रही अवैध वसूली रोकने, सरकारी अस्पतालों में बेहतर इलाज व्यवस्था तथा गांवों में लंबित विरासत दर्ज कराने की मांग भी उठाई गई। ज्ञापन में मांग की गई कि संबंधित विभागों को निर्देश देकर सभी समस्याओं का शीघ्र समाधान कराया जाए, ताकि किसानों और ग्रामीणों को राहत मिल सके।

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