सपा की मासिक बैठक में वार्षिक चंदा न देने का मामला छाया रहा। एक पदाधिकारी के वार्षिक चंदा देने से इनकार करने पर जिलाध्यक्ष ने कहा कि अपना हर तरह का खर्च चला रहे हैं लेकिन पार्टी के लिए चंदा नहीं दे रहे हैं। इसके अलावा ग्राम पंचायतों के परिसीमन में पदाधिकारियों को अफसरों पर नजर रखने को कहा गया है। निर्देशित है कि परिसीमन ऐसा हो जिससे ज्यादा से ज्यादा जिला पंचायत सदस्य, ब्लाक प्रमुख, प्रधान और बीडीसी मेंबर जिताए जा सकें।
मिशन कंपाउंड स्थिति मुख्यालय सभागार में पूर्वाह्न 11.30 बजे से शुरू हुई बैठक में पुरानी बूथ कमेटियों को निरस्त कर 30 जून तक नई बूथ कमेटियों के गठन पर सहमति बनी। लघु उद्योग राज्यमंत्री भगवत सरन गंगवार ने कहा कि मुख्यमंत्री ने इस वर्ष को किसान वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। कार्यक्रमों का आयोजन निरंतर चलते रहना चाहिए। विशाल यादव ने खुद के बेरोजगार होने का हवाला देकर वार्षिक चंदा देने से इनकार किया तो जिलाध्यक्ष वीरपाल सिंह यादव ने कहा कि हर साल सक्रिय सदस्यता की आधी रकम संगठन चलाने के लिए जिला मुख्यालय पर आती थी। इस बार वह नहीं मिली। पदाधिकारी भी वार्षिक चंदा नहीं जमा कर रहे है।
महिलाओं को 25 फीसदी भागीदारी मिलेगी
बैठक में बूथ कमेटियों से पहले सेक्टर और सह सेक्टर प्रभारी बनाया जाना तय हुआ है। ‘वन बूथ 20 यूथ’ फार्मूले में महिलाओं को 25 फीसदी भागेदारी देना तय किया गया। विधायक अताउर रहमान ने बूथ स्तर तक संगठन की मजबूती पर जोर दिया। समाजवादी चिंतक डॉ. राम मनोहर लोहिया के 23 मार्च को होने वाले 105 वे जन्म दिवस पर गोष्ठियां आयोजित करने का निर्णय लिया गया। बैठक में प्रदेश सचिव डॉ. जाहिद हुसैन, उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता हरिशंकर यादव, महानगर अध्यक्ष जफर बेग, डॉ. अनिल शर्मा, संजीव यादव, राजबाबू यादव, प्रमोद विष्ट, भारती चौहान, राधा सोमवंशी, पार्षद राजेश अग्रवाल, दीपक शर्मा आदि मौजूद रहे।
गैर हाजिर रहे बड़े नेता
पूर्व सांसद सर्वराज सिंह, विधायक शहजिल इस्लाम, सियाराम सागर, पूर्व विधायक इस्लाम साबिर, वीरेंद्र सिंह गंगवार समेत कई बड़े नेता मासिक बैठक में नहीं शामिल हुए। इसे लेकर तरह तरह के कयास लगा जा रहे हैं।