यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट के गणित के सेकेंड पेपर की परीक्षा शुरू होने के आधा घंटा पहले डीआईओएस के पास एक फोन आया। फोन करने वाले ने उन्हें सूचना दी कि आंवला के एक परीक्षा केंद्र के बाहर पेपर की प्रतियां खुलेआम बेची जा रही हैं। उसने इस पर्चे के कुछ सवाल भी डीआईओएस को बताए। डीआईओएस ने सचल दस्तों को दूरदराज के केंद्रों पर दौड़ाया। फोन पर जो सवाल बताए गए थे, वे वाकई पर्चे में मिले लेकिन इसके बावजूद पेपर आउट होने की पुष्टि न होने की बात कहकर लीपापोती कर दी गई।
फोन पर डीआईओएस को सूचना दी गई थी कि आंवला के एक परीक्षा केंद्र के आसपास आधा घंटा पहले ही पेपर खोलकर बेचा जा रहा है। अफसरों का कहना है कि फोन पर इस तरह की सूचनाएं उन्हें पहले भी मिलती रही हैं। आधा घंटा पहले पेपर लीक होने की शिकायतें हो रही हैं। फोन करने वाला पेपर का नंबर और उसमें आने वाले प्रश्न भी उन्हें बता रहा है। इससे यह तो जाहिर है कि कहीं न कहीं कोई गड़बड़ है। लेकिन चूंकि बोर्ड परीक्षा की व्यवस्थाएं इस कदर ढुलमुल है, लिहाजा पेपर आउट होने की पुष्टि नहीं हो पा रही है। हद यह है कि जिन परीक्षा केंद्रों पर पेपर आउट होने की शिकायतें हो रही हैं, उन पर निगरानी तक का कोई इंतजाम नहीं किया गया है।
बता दें कि परीक्षा शुरू होने के 15 मिनट पहले केंद्रों पर पेपर का लिफाफा खोलने का प्रावधान है लेकिन सवाल यह है कि अगर पेपर किसी केंद्र पर पहले खुल भी रहा है तो वह बाहरी लोगों तक कैसे पहुंच रहा है। अफसर मान रहे हैं कि किसी केंद्र पर कोई कक्ष निरीक्षक ही पेपर लीक कर रहा है। डीआईओएस डॉ. आशुतोष भारद्वाज का कहना है कि जिस पर फोन से सूचना दी गई, वह बाद में स्विच ऑफ हो गया। लिहाजा पेपर आउट होने की पुष्टि नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि अब चिन्हित केंद्रों पर बड़े पेपरों में परीक्षा शुरू होने के 20 मिनट पहले पेपर चेक कराए जाएंगे। इसके लिए वह टीमें बना रहे हैं।
इंसेट...
समय से पहले छोड़ दिया पेपर
भड़सर के जानकी देवी विद्यालय में शाम की पाली में पांच मिनट पहले ही पेपर खत्म कर देने का मामला सामने आया। डीआईओएस इस केंद्र पर पांच बजकर 10 मिनट पर पहुंचे तो सारे परीक्षार्थी बाहर निकल रहे थे। डीआईओएस ने बताया कि केंद्र व्यवस्थापक से जवाब तलब किया जा रहा है। यहां के केंद्र व्यवस्थापक माध्यमिक शिक्षक संघ शर्मा गुट के जिलाध्यक्ष डॉ. राजेंद्र कुमार गंगवार हैं। उनका कहना है कि उन्होंने अपनी घड़ी के मुताबिक सही वक्त पर पेपर छोड़ा था।
डीआईओएस का वर्जन...
सूचना पर सचल दस्तों को कुछ केंद्रों पर भेजा गया लेकिन पेपर लीक होने की कहीं से पुष्टि नहीं हो सकी।
-डॉ. आशुतोष भारद्वाज, डीआईओएस