बरेली। समाजवादी पार्टी में एमएलसी चुनाव की तैयारियों पर चर्चा करने के लिए लखनऊ में बुलाई गई बैठक में आपसी गुटबाजी को लेकर जिलाध्यक्ष और महानगर अध्यक्ष के पेंच कसे गए हैं। दोनों नेताओं से एमएलसी चुनाव में संगठन को एकजुट रखकर सपा प्रत्याशी को जिताने को कहा गया। साथ ही विधानसभा चुनाव की तैयारी में अभी से जुटने के निर्देश दिए गए।
सपा हाईकमान ने बरेली-रामपुर क्षेत्र से एमएलसी चुनाव की तैयारियों को लेकर जिलाध्यक्ष वीरपाल सिंह यादव और महानगर अध्यक्ष जफरबेग को लखनऊ बुलाया था। बुधवार को दोनों नेताओं ने अन्य जिलाध्यक्षों के साथ मीटिंग में हिस्सा लिया। बताया जाता है कि पार्टी के बड़े नेताओं ने पूर्व एमएलसी प्रत्याशी डा. अनिल शर्मा का टिकट बदलने के लिए लिखे गए वीरपाल के पत्र पर जिला पंचायत अध्यक्ष संजय सिंह समेत तमाम ब्लाक प्रमुखों के दस्तखत असली नहीं होने के बारे में जानकारी की। वीरपाल के लेटर में 25 नेताओं और ब्लाक प्रमुखों के हस्ताक्षर थे। डा. अनिल शर्मा वीरपाल के लेटर में फर्जी हस्ताक्षर होने की बात हाईकमान तक पहुंचा चुके हैं। बताते हैं कि इस प्रकरण पर सासंद धर्मेंद्र यादव ने वीरपाल से पूछा था कि फर्जी दस्तखत क्यों किए गए तो तो उनका जवाब था कि सबसे फोन पर सहमति लेकर ही पत्र भेजा गया था। कई नेताओं ने भी अपने हस्ताक्षर होने से इनकार किया था। इसको लेकर सपा के बड़े नेता नाराज बताए जाते हैं। सूत्रों के मुताबिक सपा प्रत्याशी घनश्याम लोधी भी हाईकमान से एमएलसी चुनाव में बरेली से पार्टी नेताओं से मदद न मिलने और खर्चा मांगने की बात पहुंचा चुके हैं। हालांकि वह खुलकर इस बारे में बात नहीं कर रहे। सपा महानगर अध्यक्ष जफरबेग ने बताया कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने खुद संगठन पदाधिकारियों की मीटिंग लेकर एमएलसी चुनाव की तैयारियों के बारे में जानकारी ली। एमएलसी चुनाव के बाद 2017 के विधानसभा चुनाव के लिए अभी से जुट जाने को कहा।