नवाबगंज के अहमदाबाद गांव निवासी भगवत सरन गंगवार सपा के कद्दावर नेता हैं और राज्यमंत्री रह चुके हैं। पार्टी ने उन्हें इस बार पीलीभीत लोकसभा सीट से प्रत्याशी घोषित किया है।
बुधवार को टिकट घोषित होने के बाद बृहस्पतिवार को मीडिया के सवालों पर कहा कि, वह स्वभाव से राजनैतिक कम बल्कि आध्यात्मिक ज्यादा हैं। उनके गुरु ने कह रखा है कि परेशान लोगों की मदद करना। इसीलिए कोई उनका व्यक्तिगत विरोधी नहीं है।
इसी बातचीत में वह वरुण गांधी की तारीफ भी कर बैठे। कह गए कि वरुण ही नहीं बल्कि उनकी बहन प्रियंका गांधी या भाई राहुल गांधी भी सपा मुखिया से अनुरोध करेंगे तो उन्हें पीलीभीत सीट छोड़ने में कोई गुरेज नहीं होगा। बाद में उन्होंने बयान से किनारा कर लिया। कहा कि, उन्होंने ऐसा कुछ नहीं कहा।
जातीय समीकरण साधने की कवायद
सपा ने बुधवार देर शाम भगवत सरन गंगवार को पीलीभीत सीट से उम्मीदवार घोषित किया। पूर्व मंत्री का नाम घोषित होते ही सियासी माहौल गर्म हो गया। चुनावी गलियारों में हार-जीत का गुणा-भाग लगने लगा। पूर्व मंत्री के टिकट से पार्टी ने जातीय समीकरण साधने की कोशिश की है।
पीलीभीत लोकसभा क्षेत्र की पांच विधानसभाओं में पीलीभीत सदर, पूरनपुर, बीसलपुर, बरखेड़ा व बरेली जिले की बहेड़ी सीट शामिल है। जातीय समीकरण की बात करें तो यहां मुस्लिम, कुर्मी व लोध मतदाताओं की संख्या निर्णायक मानी जाती है। बरेली की नवाबगंज विधानसभा से कई बार विधायक रहे भगवतसरन के आने से चुनाव रोचक हो गया है।