मंदिरों के मार्गों पर अब तक सफाई नहीं, टूटी नालियों से सड़कों पर हुआ जलभराव
बरेली। बुरी तरह उजाड़ शहर में बृहस्पतिवार को महाशिवरात्रि पर शिव बरात के साथ आठ जुलूसों कैसे नाथ नगरी की परिक्रमा करेंगे, यह सवाल पुलिस अफसरों को बेचैन कर रहा है। पूरा शहर खुदा पड़ा है, ऊपर से हर तरफ जाम अलग बड़ा संकट है। हालांकि यह तय है कि शिव भक्तों को इस बार नाथ नगरी में काफी तकलीफों से दो-चार होना पड़ेगा।
मंदिरों में महाशिवरात्रि के लिए हमेशा की तरह बड़े स्तर पर तैयारियां की गई हैं लेकिन आम शहरियों की तरह नाथ नगरी में इस बार शिव भक्तों के लिए भी सुविधाजनक माहौल नहीं है। सीवर लाइन बिछाने के लिए दो सालों से खोदी जा रही सड़कों में से अब तक एक भी सड़क पूरी तरह नहीं बन पाई है। कहीं कोई रास्ता पूरी तरह बंद पड़ा है तो कहीं जलभराव और कीचड़ की वजह से उस पर गुजरना मुश्किल है। इनमें से ज्यादातर सड़कें वे हैं जिन पर शिव भक्त नाथ नगरी की परिक्रमा करते हैं।
जोगी नवादा में सड़क का करीब सौ मीटर का हिस्सा दोनों तरफ नालियां टूटी होने की वजह से गंदे पानी में डूबा हुआ है। बाकी मंदिरों की ओर जाने वाले रास्तों की हालत भी खराब है। ऐसे में शिव मंदिरों तक पहुंचकर महादेव के दर्शन कर पाना भक्तों के लिए बड़ी चुनौती होगा। शहर के बाहर से आने वाले कांवड़ियों के लिए और बड़ी दिक्कत खड़ी होने की आशंका है। तमाम सड़कों पर हर वक्त लगा रहने वाला जाम उनकी और भी परीक्षा लेगा।
सड़कों पर साफ-सफाई का काम रोज हो रहा है। सीवर खोदाई की वजह से कुछ सड़कों पर यातायात का दबाव है लेकिन बाकी जगह सड़कें ठीक हैं। - अभिषेक आनंद, नगर आयुक्त
धोपेश्वरनाथ मंदिर जाने के लिए यात्रा थोड़ी लंबी और दिक्कतों से भी भरी
परिक्रमा के लिए शिव भक्त परंपरागत तौर पर सेटेलाइट बस स्टैंड की तरफ से आकर ईसाईयों की पुलिया से गुजरते हुए बियावानी कोठी के रास्ते जलाभिषेक करने कैंट के धोपेश्वरनाथ मंदिर जाते हैं। इस पूरे इलाके में सड़कें खुदी पड़ी हैं और कई रास्ते भी बंद हैं। खुर्रम गौंटिया पर खोदाई के लिए ईसाईयों की पुलिया पर ही बैरिकेडिंग कर रास्ता बंद कर दिया गया है लिहाजा भक्तों को और आगे बढ़कर श्यामगंज से विकास भवन रोड पर जाना होगा। यहां भी आगे कंपनी बाग से कैंट जाने वाला रास्ता खुदा पड़ा है।
अलखनाथ मंदिर जाने के लिए चौपुला से किला के बीच जाम से भी पड़ेगा जूझना
अलखनाथ मंदिर में दर्शन के लिए शिव भक्तों के जत्थे चौपुला से गुजरते हैं। इस बार किला रोड पर सिर्फ एक ही लेन में दोनों तरफ का यातायात चल रहा है क्योंकि दूसरी लेन पर खोदाई हो रही है। चौकी चौराहे से दामोदर पार्क के रास्ते जाएंगे तो चौपुला पर डायवर्जन मिलेगा। यहां रेलवे कॉलोनी के अंदर होते हुए निकलना होगा। शिव भक्तों को इन दिक्कतों के साथ अलखनाथ मंदिर जाते हुए इस सड़क पर जाम और धूल से भी जूझना होगा।
बाबा वनखंडी नाथ के दर्शन के लिए जोगी नवादा में गंदगी-कीचड़ पार करना चुनौती
बाबा वनखंडी नाथ के दर्शन के लिए शिव भक्तों का पुराना रास्ता जोगी नवादा से होकर निकलता है जहां खोदाई तो नहीं हो रही है लेकिन फिर भी हालात काफी बदतर हैं। मंदिर से करीब दो सौ मीटर पहले ही सड़क की दोनों तरफ नालियां टूटी हुई हैं जिनका गंदा पानी सड़क पर काफी बड़े हिस्से में बह रहा है। नगर निगम ने महाशिवरात्रि पर भी यहां समस्या के निदान के लिए कोई इंतजाम किया नहीं है।
पशुपति नाथ मंदिर के मोड़ पर बजरी के ढेर, पीलीभीत रोड पर जाम का झंझट
पशुपतिनाथ मंदिर तक पहुंचने के लिए पीलीभीत बाईपास रोड पर शिव भक्तों की भीड़ रहेगी। यहां सेटेलाइट चौराहे पर अवैध कब्जों की वजह से हर वक्त जाम रहता है। आगे पीलीभीत बाईपास पर भी दोनों ओर तमाम अवैध कब्जे हैं। नगर निगम लंबे समय से इन कब्जों हटाने में कोई दिलचस्पी नहीं ले रहा है। हाल ही में पशुपतिनाथ मंदिर के मोड़ पर ही किसी ने कई ट्रक बजरी डलवा दी है। इस वजह से अब यहां जाम का भी सामना करना होगा।
सुरक्षा में 700 पुलिसकर्मियों की फौज और जुलूसों में कम भीड़ रखने की अपील भी
बरेली। कोरोना का खतरा और शहर के हालात देखते हुए महाशिवरात्रि पर शहर के अलग-अलग इलाकों में निकलने वाली शिव बरात और सात जुलूसों की सुरक्षा व्यवस्था में 700 पुलिसकर्मियों को लगाया गया है। एसएसपी ने जुलूसों में भीड़ कम से कम रखने की भी अपील की है।
लॉकडाउन भर शहर में कोई बड़ा और सामूहिक सहभागिता का आयोजन नहीं हुआ। करीब साल भर बाद महाशिवरात्रि पहले आयोजन होगा जिसमें कोतवाली, प्रेमनगर, बारादरी, किला, सुभाषनगर, कैंट आदि थाना क्षेत्रों में आठ जुलूस निकलेंगे और इनमें हजारों श्रद्धालु और झांकियां शामिल हाेंगे। हालांकि कोरोना का खतरा और शहर के हालात देखते हुए एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने आयोजकों से इन जुलूसों में भीड़ और झांकियों की संख्या कम रखने की अपील की है। एसएसपी ने बताया कि जुलूसों की सुरक्षा में करीब सात सौ पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। इनमें छह सौ स्थानीय हैं, सौ बाहर से ड्यूटी पर आए हैं। खुफिया इकाइयों को भी खुराफातियों पर नजर रखने को सक्रिय किया गया है। सभी सीओ और थाना प्रभारी अपने क्षेत्र में लगातार गश्त करेंगे और जुलूस संपन्न होने पर कंट्रोल रूम को सूचित करेंगे।
आज पूरे शहर में हलचल मचाएंगे जुलूस
- प्रेमनगर: चाहबाई से निकलने वाली शिव बरात किला, कुबुखाना, नावल्टी होकर वापस चाहबाई में समाप्त होगी।
- सुभाषनगर: तपेश्वर नाथ मंदिर से शुरू होने वाला यह जुलूस, बिहारीपुर, चौपुला होकर वापस तपेश्वर नाथ मंदिर पहुंचेगा।
- कोतवाली: बिहारीपुर में प्राचीन शिव मंदिर से निकलकर मालगोदाम रोड, सुभाषनगर पुलिया होकर तपेश्वरनाथ मंदिर पर समाप्त होगा।
- कोतवाली: चौपुला बगिया से शुरू होकर जुलूस अयूब खां चौराहा, नावल्टी, इस्लामिया, किशोर बाजार होकर चौपुला पर समाप्त होगा।
- प्रेमनगर : विभूतिनाथ मंदिर भूड़ से शुरू होकर भूड़ कब्रिस्तान, आलमगिरीगंज, गंगापुर चौराहा, मनिहारन चौक, वशीर मियां की मजार, कोहाड़ापीर सब्जी से वापस होकर भूड़ मंदिर पर समाप्त होगा।
- कैंट: यादव मोहल्ला से शुरू होने वाला यह जुलूस आर्य समाज मंदिर, मदारी की पुलिया, गोला बाजार, धोपेश्वरनाथ मंदिर, काली मंदिर होकर यादव मोहल्ला में ही समाप्त होगा।
- किला: महेश्वरनाथ मंदिर से निकलने वाला जुलूस लक्ष्मी नारायण मंदिर, दूल्हा मियां की मजार, किला क्रॉसिंग, साहूकारा गेट, नीम की चढ़ाई, बड़ा बाजार, कुतुबखाना, बिहारीपुर ढाल, चमन मठिया होकर वापस मंदिर पर समाप्त होगा।
- बारादरी: श्यामगंज सेठ गिरधारी लाल मंदिर से मोटर साइकिल पर निकलने वाला जुलूस गंगापुर चौराहा, मूर्ति नर्सिंग होम, ईंट पजाया, स्टेडियम रोड, संजयनगर, दुर्गानगर, वनखंडीनाथ मंदिर, सुरेश शर्मा नगर, पशुपतिनाथ मंदिर, सेटेलाइट, खुर्रम गौटिया, कैंट, बीआई बाजार, सदर बाजार, धोपेश्वरनाथ मंदिर, सीएसडी कैंटीन, नटराज सिनेमा, रेलवे स्टेशन, सुभाषनगर से सिटी स्टेशन, तपेश्वरनाथ, मढ़ीनाथ से सिटी रेलवे स्टेशन होते हुए, अलखनाथ मंदिर, किला, बड़ा बाजार, कुतुबखाना, कोतवाली, कोहाड़ापीर से सूद धर्मकांटा , त्रिवटीनाथ होकर रात साढ़े दस बजे समाप्त होगा।