चेहरा ढककर आता था कार्यालय
मृतक के बेटे उमेश भारद्वाज ने पिता के आधार, पैन कार्ड व अन्य दस्तावेजों पर अपनी फोटो लगा दी थी। कार्यालय में फोटो का रिकॉर्ड न होने से पहचान मुश्किल थी। वह चेहरा ढककर कार्यालय आता था। किसी से नजर नहीं मिलाता था। आधार कार्ड पर दर्ज जन्मतिथि से मामला संदिग्ध मिला। जांच में पोल खुली थी।
फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद वसूली की रकम जल्द जमा करने के लिए उसे चेताया गया। बता दें कि पिता को जीवित बताकर उमेश भारद्वाज ने 16 वर्ष में करीब 62 लाख रुपये पेंशन ली। ब्याज समेत करीब 74.66 लाख रुपये वसूले जाने की कार्रवाई चल रही है। इसमें वह कुछ रकम जमा कर चुका है।