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स्मैक तस्कर के लिए मुखबिरी करता था पीआरवी पर तैनात दामाद सिपाही

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इनामी तस्कर भोला। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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पुलिस की गतिविधियों पर रखता था नजर, दबिश से पहले ही प्रधान को दे देता था सूचना
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शाहजहांपुर जिले का है निवासी, फतेहगंज पूर्वी की पीआरवी पर था तैनात
गोपनीय शिकायत की जांच के बाद हटाया तो फरीदपुर की पीआरवी में कर दिया तैनात

बरेली/फतेहगंज पूर्वी। पढ़ेरा के प्रधान शहीद खान उर्फ छोटे की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस में उसके संबंधों की परतें उधड़नी शुरू हो गई हैं। जांच में सामने आया है कि उसके सगे भाई सलीम का शाहजहांपुर निवासी दामाद थाना फतेहगंज पूर्वी की पीआरवी में सिपाही था। यह न केवल पुलिस की गतिविधियों पर नजर रखता था बल्कि सारी सूचनाएं भी प्रधान तक पहुंचाता था। इसकी गोपनीय शिकायत पर जांच हुई तो आरोपों की पुष्टि हो गई और उसे फतेहगंज पूर्वी से हटाकर फरीदपुर भेज दिया गया। शहीद खान से संबंधों के चलते ही पुलिस के एक ड्राइवर का गैर जनपद ट्रांसफर भी हो चुका है।
पुलिस में गहरी पैठ बनाकर शहीद खान कई साल से स्मैक का धंधा चला रहा है। फतेहगंज पूर्वी में तैनात रहे एक इंस्पेक्टर से उसकी दोस्ती पहले ही सामने आ चुकी है। अब पुलिस विभाग मेें उसके अन्य संबंधों की परतें खुलनी भी शुरू हो गई हैं। सूत्रों का कहना है कि शाहजहांपुर में रहने वाला सिपाही शहीद के भाई सलीम का दामाद है। नियमानुसार बार्डर के जिला बरेली में उसकी पोस्टिंग नहीं हो सकती है, लिहाजा उसने यूपी 112 में अपनी पोस्टिंग करा ली। यूपी 112 में पोस्टिंग होने के बाद सेटिंग कर उसने अपनी तैनाती अपने ससुराल के थाना फतेहगंज पूर्वी की पीआरवी पर कराई। इसके बाद वह स्मैक तस्कर ससुराल वालों की मदद करने लगा। किसी ने इसकी शिकायत एसएसपी से की तो उन्होंने सीओ द्वितीय आशीष प्रताप सिंह से गोपनीय जांच कराई। इस शिकायत में फतेहगंज पूर्वी थाने के एक ड्राइवर पर भी प्रधान से मिलीभगत के आरोप लगे थे। सीओ की जांच में आरोपों की पुष्टि हुई और दोनों को वहां से हटाने के निर्देश दे दिए गए। इसके बाद ड्राइवर का गैर जनपद हो गया लेकिन पीआरवी पर तैनात सिपाही ने सेटिंग के बल पर फतेहगंज पूर्वी से हटकर फरीदपुर की पीआरवी पर तैनाती ले ली।

प्रधान की रिमांड पर सुनवाई आज

पुलिस ने प्रधान शहीद खान की रिमांड लेने के लिए कोर्ट में अर्जी लगाई है। इस पर शनिवार को सुनवाई होगी। एसपी देहात राजकुमार अग्रवाल ने बताया कि रिमांड पर लेकर उससे गैंग के अन्य सदस्यों के बारे में जानकारी जुटाई जाएगी।
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पढ़ेरा के दो दर्जन से ज्यादा घरों में ताला
पुलिस ने इस मामले में शहीद और राजू को गिरफ्तार किया है। इनके अलावा मुकदमे में उसके बेटे शोहेबे, भाई सलीम और उसके बेटों फईम, नईम, वसीम, मुन्ना और हसीम को भी नामजद किया है। इन सभी आरोपियों के घर भी आसपास हैं। इनके अलावा गांव के ही कई अन्य लोग भी शहीद के साथ स्मैक तस्करी के धंधे में जुटे थे। पुलिस लगातार उनकी तलाश कर रही है, जिसके चलते गांव के दो दर्जन से ज्यादा घरों के लोग ताला डालकर फरार हैं।

दिल्ली में वांछित है प्रधान, भोला की दो करोड़ की संपत्ति चिह्नित

एसपी देहात ने बताया कि 22 अप्रैल को दिल्ली की क्राइम ब्रांच ने एक स्मैक तस्कर को गिरफ्तार किया था। उसने प्रधान से स्मैक खरीदकर लाने की बात कही थी। इस आधार पर माना जा रहा है कि दिल्ली में भी वह वांछित है। बेहरा का स्मैक तस्कर तैमूर उर्फ भोला भी प्रधान का रिश्तेदार है। वह दिल्ली और उत्तर प्रदेश में वांछित है। दिल्ली पुलिस ने उस पर एक लाख रुपये का इनाम रखा है। उस पर शिकंजा कसने के लिए करीब दो करोड़ रुपये की संपत्ति चिह्नित कर ली गई है। कोर्ट से अनुमति मिलते ही उसे जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी।

प्रधान के तीन खातों में 26 लाख रुपये

पुलिस की जांच में प्रधान शहीद के अब तक तीन बैंक खाते सामने आए हैं। इन तीनों खातों में करीब 26 लाख रुपये जमा हैं। इन खातों को सीज करा दिया गया है और उसके अन्य खातों की तलाश की जा रही है। पुलिस की पूछताछ में प्रधान ने अपने पास करीब सौ बीघा जमीन और ईंट भट्ठा होने की बात स्वीकार की है। मगर उसके पास इससे कहीं ज्यादा जमीन होने की बात सामने आई है। इसके अलावा गांव में ही उसका एक आलीशान मकान भी है, जिसकी कीमत कई करोड़ रुपये बताई जा रही है।
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